नयी दिल्ली, 11 अप्रैल कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) की "हैकिंग" पर अमेरिकी राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड के बयान के बाद शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग की "चुप्पी" पर सवाल उठाया और कहा कि उच्चतम न्यायालय को इस मुद्दे पर स्वत: संज्ञान लेकर जांच कराना चाहिए।
उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में यह भी कहा कि गबार्ड ने सार्वजनिक रूप से ईवीएम की "हैकिंग" और उनकी कमजोरियों को उठाया है।
सुरजेवाला ने कहा, "वास्तव में उन्होंने कहा कि चुनाव के नतीजों में हेराफेरी के लिए ईवीएम का दुरुपयोग किया जा सकता है। सवाल यह है कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त और निर्वाचन आयोग 'चुप' क्यों हैं? सुश्री तुलसी गबार्ड ने जो कहा, उसे नकारने के लिए आयोग "सूत्र आधारित कहानियां'" क्यों गढ़ रहा है? प्रधानमंत्री, राजग सरकार और भाजपा 'चुप' क्यों हैं?"
सुरजेवाला ने यह भी कहा कि निर्वाचन आयोग और केंद्र को ईवीएम की हैकिंग और अन्य कमजोरियों के सभी विवरण हासिल करने के लिए अमेरिकी सरकार और गबार्ड से संपर्क करना चाहिए।
उनका कहना था, "क्या भारत के उच्चतम न्यायालय को इस मुद्दे पर स्वत: संज्ञान नहीं लेना चाहिए और यह मानते हुए गहन जांच नहीं करानी चाहिए कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव और लोकतंत्र संविधान की "बुनियादी संरचना" का हिस्सा हैं?"
इस बीच निर्वाचन आयोग के सूत्रों ने शुक्रवार को उन बातों को खारिज कर दिया कि भारत में उपयोग की जाने वाली ईवीएम के हैक होने की कोई गुंजाइश है। उन्होंने कहा कि मशीनें साधारण कैलकुलेटर की तरह काम करती हैं, जो इंटरनेट या इंफ्रारेड से जुड़ी नहीं हैं।
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