देश की खबरें | उच्चतम न्यायालय ने ड्राइविंग लाइसेंस देने की व्यवस्था पर सुनवाई शुरू की
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को इस कानूनी सवाल से निपटने के लिए 76 याचिकाओं पर सुनवाई शुरू की कि क्या हल्के मोटर वाहन (एलएमवी) के लिए ड्राइविंग लाइसेंसधारक व्यक्ति एक विशेष वजन का परिवहन वाहन चलाने का कानूनी रूप से हकदार है।
नयी दिल्ली, 18 जुलाई उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को इस कानूनी सवाल से निपटने के लिए 76 याचिकाओं पर सुनवाई शुरू की कि क्या हल्के मोटर वाहन (एलएमवी) के लिए ड्राइविंग लाइसेंसधारक व्यक्ति एक विशेष वजन का परिवहन वाहन चलाने का कानूनी रूप से हकदार है।
प्रधान न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने वाहनों की विभिन्न श्रेणियों के लिए ड्राइविंग लाइसेंस देने से संबंधित व्यवस्थाओं के संबंध में मोटर वाहन अधिनियम में कथित विसंगतियों को लेकर याचिका दायर करने वाले याचिकाकर्ताओं में से एक की ओर से पेश वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ दवे की दलीलें सुनीं।
पीठ में न्यायमूर्ति हृषिकेश रॉय, न्यायमूर्ति पी. एस. नरसिम्हा, न्यायमूर्ति पंकज मित्तल और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा भी शामिल हैं।
एक कानूनी सवाल ‘‘क्या ‘हल्के मोटर वाहन’ (एलएमवी) के संबंध में ड्राइविंग लाइसेंसधारक व्यक्ति, उस लाइसेंस के आधार पर, ‘हल्के मोटर वाहन श्रेणी के परिवहन वाहन’ को चलाने का हकदार हो सकता है, जिसका वजन 7500 किलोग्राम से अधिक न हो’’ पर पीठ द्वारा विचार-विमर्श किया जा रहा है।
मुख्य याचिका ‘मेसर्स बजाज अलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड’ द्वारा दायर की गई है।
इस कानूनी सवाल से हल्के मोटर वाहन (एलएमवी) चलाने का लाइसेंस रखने वाले लोगों द्वारा चलाये गये परिवहन वाहनों से जुड़े दुर्घटना मामलों में बीमा कंपनियों द्वारा दावों के भुगतान पर विभिन्न विवाद खड़े हुए हैं।
मोटर वाहन अधिनियम विभिन्न श्रेणियों के वाहनों के लिए ड्राइविंग लाइसेंस देने के लिए अलग-अलग व्यवस्था प्रदान करता है।
इस मामले को आठ मार्च, 2022 को न्यायमूर्ति यू. यू. ललित (अब सेवानिवृत्त) की अध्यक्षता वाली तीन-न्यायाधीशों की पीठ ने वृहद पीठ के पास भेज दिया था।
यह कहा गया था कि 2017 के मुकुंद देवांगन बनाम ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के फैसले में शीर्ष अदालत द्वारा कानून के कुछ प्रावधानों पर ध्यान नहीं दिया गया था और ‘‘संबंधित विवाद पर फिर से विचार करने की जरूरत है’’।
मुकुंद देवांगन बनाम ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड मामले में, उच्चतम न्यायालय की तीन-न्यायाधीशों की पीठ ने माना था कि परिवहन वाहन, जिनका वजन 7,500 किलोग्राम से अधिक नहीं है, को एलएमवी के परि से बाहर नहीं रखा गया है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)