देश की खबरें | उच्चतम न्यायालय ने उत्तर प्रदेश में वकीलों के बार-बार काम रोकने की निंदा की
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उच्चतम न्यायालय ने उत्तर प्रदेश में वकीलों के बार-बार काम रोकने की सोमवार को निंदा की और इस प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने व निरंतर कामकाज सुनिश्चित करने के लिए एक "प्रभावी तंत्र" बनाने का आह्वान किया।
नयी दिल्ली, चार नवंबर उच्चतम न्यायालय ने उत्तर प्रदेश में वकीलों के बार-बार काम रोकने की सोमवार को निंदा की और इस प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने व निरंतर कामकाज सुनिश्चित करने के लिए एक "प्रभावी तंत्र" बनाने का आह्वान किया।
न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइयां की पीठ ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ फैजाबाद बार एसोसिएशन की अपील पर सुनवाई करते हुए इस प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त की।
अदालत ने कहा, “आम आदमी, गरीब… अदालत में आता है और अचानक पाता है कि मेरे गवाह से पूछताछ नहीं की जा सकती, मुझे राहत नहीं मिल सकती… क्योंकि बार काम पर नहीं होती। इस तरह की संस्कृति... तुरंत बंद होनी चाहिए।''
पीठ ने न्यायिक कार्य को प्रभावित किए बिना वादियों की शिकायतों का तुरंत समाधान करने के लिए एक प्रणाली बनाने का आग्रह किया।
पीठ ने कहा, “हम एक प्रभावी तंत्र चाहते हैं जहां उनकी शिकायतों का समय पर समाधान किया जाए। साथ ही, न्यायिक कार्य एक घंटे के लिए भी प्रभावित नहीं होना चाहिए।”
उच्च न्यायालय ने एसोसिएशन के संचालन का प्रबंधन करने और दिसंबर, 2024 तक इसके शासकीय परिषद के चुनाव आयोजित करने के लिए एक समिति के गठन का निर्देश दिया था।
अदालत ने एक स्थिर और विश्वसनीय कानूनी प्रणाली की आवश्यकता पर जोर देते हुए, चेतावनी दी कि इस तरह की रुकावटों से जनता का विश्वास खत्म हो जाता है, खासकर आर्थिक रूप से वंचित नागरिकों का, जो समय पर कानूनी राहत मिलने की उम्मीद रखते हैं।”
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)