देश की खबरें | उच्चतम न्यायालय ने सीबीएसई की शेष बोर्ड परीक्षाओं को रद्द करने को मंजूरी दी

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नयी दिल्ली, 26 जून उच्चतम न्यायालय ने केंद्र और सीबीएसई को कोविड-19 वैश्विक महामारी के कारण 10वीं और 12वीं की शेष बोर्ड परीक्षाएं रद्द करने और जुलाई में होने वाली परीक्षाओं के लिए छात्रों को अंक देने की उसकी योजना पर आगे बढ़ने की शुक्रवार को मंजूरी दे दी।

न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर, न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ ने सीबीएसई को परीक्षाओं को रद्द करने के लिए एक अधिसूचना जारी करने की अनुमति दी।

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पीठ ने सीबीएसई की अधिसूचना पर विचार करने के बाद इसे जारी करने की अनुमति दी।

केंद्र और सीबीएसई की ओर से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि मूल्यांकन योजना बोर्ड परीक्षाओं के पिछले तीन विषयों में छात्रों द्वारा हासिल किए गए अंकों पर आधारित होगी।

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आईसीएसई बोर्ड के वकील ने न्यायालय को बताया कि उसकी सीबीएसई से मिलती-जुलती योजना ही है लेकिन इसमें औसत अंकों का फॉर्मूलाा अलग है और वह 10वीं कक्षा की पुन: परीक्षाएं कराने पर विचार कर सकता है।

आईसीएसई ने कहा कि इस संबंध में एक हफ्ते के भीतर अधिसूचना जारी की जाएगी और उसकी वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी।

सीबीएसई और आईसीएसई दोनों ने शीर्ष न्यायालय को बताया कि 10वीं और 12वीं कक्षाओं की बोर्ड परीक्षाओं के नतीजे जुलाई के मध्य तक घोषित किए जा सकते हैं।

उच्चतम न्यायालय कोविड-19 के मामले बढ़ने के मद्देनजर एक से 15 जुलाई को होने वाली 12वीं कक्षा की शेष परीक्षाओं को रद्द करने समेत अन्य राहत का अनुरोध करने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था। ऐसी ही छूट आईसीएसई बोर्ड की ओर से भी मांगी गई।

सीबीएसई की 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं 15 फरवरी को शुरू हुई थी और तीन अप्रैल को समाप्त होनी थी। 10वीं कक्षा की परीक्षाएं 21 फरवरी को शुरू हुई और 29 मार्च को खत्म होनी थी।

आईसीएसई बोर्ड ने कोरोना वायरस के कारण 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं स्थगित कर दी थी और इन्हें 31 मार्च को खत्म होना था। हालांकि कोरोना वायरस वैश्विक महामारी को फैलने से रोकने के लिए देशभर में 25 मार्च से देशव्यापी लॉकडाउन लगा दिया गया था।

शीर्ष न्यायालय ने सीबीएसई की जिस मूल्यांकन योजना को मंजूरी दी है उसके अनुसार सभी परीक्षाएं देने वाले 10वीं और 12वीं कक्षा के छात्रों के नतीजे परीक्षाओं में उनके प्रदर्शन के आधार पर घोषित किए जाएंगे।

इसमें कहा गया है कि जिन छात्रों ने तीन से अधिक विषयों की परीक्षाएं दी हैं उन्हें जिन तीन विषयों में सबसे अधिक अंक मिले हैं उसके औसत अंक बाकी के उन विषयों में दिए जाएंगे जिनकी परीक्षाएं नहीं हुई हैं।

योजना के अनुसार जो छात्र केवल तीन विषयों की परीक्षाओं में बैठे उन्हें जिन दो विषयों में सबसे अधिक अंक मिले हैं उसके औसत अंक बाकी के उन विषयों में दिए जाएंगे जिनकी परीक्षाएं नहीं हुई हैं।

सीबीएसई की योजना में कहा गया है, ‘‘10वीं कक्षा के बहुत कम खासतौर से दिल्ली के छात्र हैं जो केवल एक या दो विषयों की परीक्षाओं में बैठे हैं। उनके नतीजे दी गई परीक्षाओं में प्रदर्शन और परियोजना मूल्यांकन के प्रदर्शन के आधार पर घोषित किए जाएंगे।’’

साथ ही कहा गया है कि अगर छात्र चाहेंगे तो उन्हें अपना प्रदर्शन सुधारने के लिए सीबीएसई द्वारा आयोजित वैकल्पिक परीक्षाओं में बैठने की अनुमति दी जाएगी।

सीबीएसई बोर्ड ने कहा कि इन छात्रों के परीक्षा परिणाम अन्य छात्रों के साथ घोषित किए जाएंगे।

केंद्र ने बृहस्पतिवार को न्यायालय को बताया था कि सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड की 10वीं और 12वीं कक्षाओं की शेष परीक्षाओं को कोविड-19 वैश्विक महामारी के कारण रद्द कर दिया गया है। ये परीक्षाएं जुलाई में होनी थी।

केंद्र और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की ओर से पेश हुए मेहता ने कहा था कि एक से 15 जुलाई के बीच होने वाली 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को रद्द कर दिया गया है और स्थिति के अनुकूल होने पर 12वीं कक्षा के लिए पुन: परीक्षा होगी।

सीबीएसई की 12वीं कक्षा की परीक्षा में शामिल होने वाले कुछ छात्रों के अभिभावकों ने भी न्यायालय में एक याचिका दायर की थी। इस याचिका में सीबीएसई को पूर्व में ली गई परीक्षाओं के आधार पर परिणाम घोषित करने और इसे शेष विषयों के आंतरिक मूल्यांकन अंकों के औसत के आधार पर तय करने के निर्देश देने का अनुरोध किया गया था।

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