बीड, तीन अक्टूबर महाराष्ट्र के बीड़ जिले की पुलिस ने शनिवार को कहा कि कथित रूप से एक छात्र द्वारा लिखा गया वह सुसाइड नोट फर्जी पाया गया है, जिसमें दावा किया गया था कि वह मराठा आरक्षण खत्म होने के चलते अपनी जान दे रहा है।
पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि लिखावट से संबंधित विशेषज्ञ की रिपोर्ट के बाद अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ जालसाजी का मामला दर्ज कर लिया गया है।
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गौरतलब है कि हाल ही में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) देने वाले विवेक रहाडे (18) का शव 30 सितंबर को बीड़ तहसील के केटुरा में उसके परिवार के खेत में पेड़ से लटका मिला था। रहाडे की मौत के बाद उसका 'सुसाइड नोट' सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था।
रहाडे ने कथित रूप से नोट में कहा था कि उसके माता-पिता गरीब और मेहनती किसान हैं और उसने बड़े लक्ष्य तय कर रखे थे।
नोट में कहा गया था, ''मैंने हाल ही में नीट मेडिकल परीक्षा दी थी। चूंकि अब मराठा आरक्षण नहीं बचा है तो मैं परीक्षा में अच्छा नहीं कर पाया। मेरे माता पिता निजी मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई का खर्च नहीं उठा सकते।''
बीड़ के पुलिस अधीक्षक राजा रामा स्वामी ने कहा कि पुलिस को वह कथित सुसाइड नोट रहाडे के घर में एक नोटबुक से मिला, जिसे अपराध जांच विभाग (सीआईडी) के लिखावट से संबंधित विशेषज्ञ के पास भेज दिया गया।
विशेषज्ञ की रिपोर्ट के अनुसार इस सुसाइड नोट की लिखावट रहाडे की लिखावट से मेल नहीं खाती।
स्थानीय पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, ''अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 465 के तहत जालसाजी का मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच जारी है।''
गौरतलब है कि हाल ही में उच्चतम न्यायालय महाराष्ट्र में मराठा समुदाय के लिये आरक्षण लागू करने पर रोक लगाते हुए इस मामले को संविधान पीठ के पास भेज दिया था।
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