एजेंसी न्यूज

बिजली संशोधन विधेयक के प्रारूप पर सुझाव की समयसीमा बढ़ाई गयी

मंत्रालय ने इस संशोधन विधेयक का मसौदा संबंधित पक्षों के बीच 17 अप्रैल 2020 को जारी किया था जिसपर उनसे आठ मई तक जरूरी सुझाव और टिप्पणी भेजने का समय दिया था।

बिजली संशोधन विधेयक के प्रारूप पर सुझाव की समयसीमा बढ़ाई गयी
जमात

नयी दिल्ली, 27 अप्रैल ऊर्जा मंत्रालय ने सोमवार को बिजली संशोधन विधेयक के मसौदे पर प्रतिक्रिया और टिप्पणी स्वीकार करने की तिथि चार सप्ताह बढ़ा पांच जून कर दी है।

मंत्रालय ने इस संशोधन विधेयक का मसौदा संबंधित पक्षों के बीच 17 अप्रैल 2020 को जारी किया था जिसपर उनसे आठ मई तक जरूरी सुझाव और टिप्पणी भेजने का समय दिया था।

ऊर्जा मंत्रालय के आदेश में कहा गया है, ‘‘मंत्रालय को संशोधन विधेयक के मसौदे पर सुझाव और टिप्पणियां भेजने की समयसीमा को आगे बढ़ाने के बारे में विभिन्न पक्षों से आग्रह प्राप्त हुआ है।’’ समयसीमा को बढ़ाकर 5 जून 2020 करने का फैसला किया है।

इससे पहले पिछले महीने आल इंडिया पॉवर इंजीनियर्स फेडरेशन (एआईपीईएफ) ने ऊर्जा मंत्री आर के सिंह को एक पत्र भेजा था जिसमें संशोधन विधेयक के मसौदे पर जरूरी सुझाव और टिप्पणियों भेजने की समयसीमा को 30 सितंबर तक बढ़ाने का आग्रह किया गया था। फेडरेशन ने कहा कि लॉकडाउन की वजह से विधेयक के मसौदे पर कोई विचार विमर्श नहीं हो पाया है।

बिजली मंत्रालय ने पिछले महीने ही 2014 के बाद विद्युत (संशोधन) विधेयक का चौथा मसौदा जारी किया। इसमें विद्युत अनुबंध प्रवर्तन प्राधिकरण (ईसीईए) की स्थापना का प्रावधान किया गया है। इस प्राधिकरण को दीवानी अदालतों के अधिकार होंगे।

ईसीईए के फैसले को विद्युत अपीलीय न्यायाधिकरण में चुनौती दी जा सकेगी और उसके बाद सीधे उच्चतम न्यायालय में ही इसके फैसले को चुनौती दी जा सकेगी। वर्तमान में राज्य विद्युत नियामक आयोग और केन्द्रीय विद्युत नियामक आयोग ही राज्य स्तरीय और राज्यों के बीच होने वाले विद्युत खरीद समझौते से संबंधित विवादों का निपटारा करते हैं।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, लेटेस्टली स्टाफ ने इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया है)

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 27, 2020 06:55 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).