विदेश की खबरें | संघर्ष रोकने के दबाव के बीच सूडानी पक्षों ने सऊदी अरब में वार्ता शुरू की
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. असवान (मिस्र), छह मई (एपी) सूडान में संघर्ष कर रहे दोनों पक्षों ने शनिवार से सऊदी अरब में बातचीत शुरू की, जिसका मकसद तीन सप्ताह की भीषण लड़ाई के बाद संघर्षविराम लागू करना है। अमेरिका और सऊदी अरब ने यह जानकारी दी।
असवान (मिस्र), छह मई (एपी) सूडान में संघर्ष कर रहे दोनों पक्षों ने शनिवार से सऊदी अरब में बातचीत शुरू की, जिसका मकसद तीन सप्ताह की भीषण लड़ाई के बाद संघर्षविराम लागू करना है। अमेरिका और सऊदी अरब ने यह जानकारी दी।
सूडान में 15 अप्रैल से सेना और अर्द्धसैनिक बल ‘रैपिड सपोर्ट फोर्स’ (आरएसएफ) के बीच लड़ाई जारी है, जिसमें सैकड़ों लोगों की मौत हुई है।
अमेरिका और सऊदी अरब ने एक संयुक्त बयान में कहा कि सूडान में दोनों पक्षों में लड़ाई छिड़ने के बाद पहली बार सेना और अर्द्धसैन्य रैपिड सपोर्ट फोर्सेज या आरएसएफ के प्रतिनिधियों ने सऊदी अरब के तटीय शहर जेद्दा में वार्ता शुरू की है।
वार्ता सऊदी अरब और अमेरिका द्वारा प्रस्तावित एक कूटनीतिक पहल का हिस्सा है और इसका उद्देश्य लड़ाई को रोकना है, जिसने सूडान की राजधानी खार्तूम और अन्य शहरी क्षेत्रों को युद्ध के मैदान में तब्दील कर दिया है।
संयुक्त बयान में सऊदी अरब और अमेरिका ने दोनों पक्षों से ‘‘संघर्ष विराम की दिशा में बातचीत में सक्रिय रूप से शामिल होने और संघर्ष को समाप्त करने का आग्रह किया, जो सूडानी लोगों की परेशानियों को दूर करेगा।’’
हालांकि, बयान में वार्ता की समयसीमा को लेकर कोई जानकारी साझा नहीं की गई है।
सूडान में 2021 के तख्तापलट के बाद से ही सऊदी अरब सत्तारूढ़ जनरलों और एक लोकतंत्र समर्थक आंदोलन के बीच मध्यस्थता का प्रयास कर रहा है। इस तख्तापलट ने देश में लोकतंत्र की प्रक्रिया को बाधित किया।
सेना तथा आरएसएफ के अधिकारियों ने बताया कि वार्ता से खार्तूम तथा पड़ोसी ओम्दुर्मान शहर में मानवीय गलियारे खोलने पर बातचीत होगी जो इस संघर्ष के केंद्र रहे हैं।
एक सैन्य अधिकारी ने बताया कि वे स्वास्थ्य सुविधाओं समेत असैन्य ढांचों को सुरक्षा मुहैया कराने पर भी चर्चा करेंगे।
आरएसएफ के एक अधिकारी ने बताया कि वे संघर्षविराम की निगरानी के तंत्र पर भी चर्चा करेंगे जो संघर्ष रोकने में नाकाम रहा है।
इस बीच, सूडान के लोकतंत्र समर्थक आंदोलन ने कहा कि जेद्दा वार्ता देश को ढहने से रोकने की दिशा में ‘‘पहला कदम’’होगा और उसने सेना तथा आरएसएफ के नेताओं से इस संघर्ष को खत्म करने के लिए ‘‘साहसिक निर्णय’’ लेने का आह्वान किया।
एपी
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