देश की खबरें | भारत में है मजबूत स्वास्थ्य प्रणाली, कभी मत सोचिए कि यह कमजोर है: नड्डा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा ने रविवार को कहा कि भारत के पास एक मजबूत स्वास्थ्य प्रणाली है जो बड़ी आबादी की देखभाल करने में सक्षम है और देश अंतरराष्ट्रीय जरूरतों को भी पूरा कर रहा है।

छत्रपति संभाजीनगर, 27 अप्रैल केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा ने रविवार को कहा कि भारत के पास एक मजबूत स्वास्थ्य प्रणाली है जो बड़ी आबादी की देखभाल करने में सक्षम है और देश अंतरराष्ट्रीय जरूरतों को भी पूरा कर रहा है।

वह ‘कौशल्यम’ प्रयोगशाला का उद्घाटन करने के बाद बोल रहे थे, जो मध्य महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में हेडगेवार अस्पताल द्वारा शुरू किए गए मेडिकल कॉलेज का एक हिस्सा है।

नड्डा ने कहा, ‘‘हमारे पास एक मजबूत स्वास्थ्य प्रणाली है। हमें कभी नहीं सोचना चाहिए कि यह कमजोर है। लोग अक्सर विदेशों में विकास के बारे में बात करते हैं। मैं उनसे वहां की आबादी के बारे में पूछता हूं, जो सिर्फ एक दो करोड़ है। यहां एक जिले में इतने लोग हो सकते हैं।’’

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत विविधता में एकता के लिए जाना जाता है और इस तरह की तुलनाएं ज्यादा महत्व नहीं रखतीं।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर तुलना की जाए तो यह बूस्टर समेत 220 करोड़ कोविड वैक्सीन खुराक देने पर आधारित होगी। अगर भारत ‘कोल्ड चेन’ आपूर्ति को बनाए रखते हुए इतने बड़े पैमाने पर टीकाकरण कर सकता है, तो यह बताता है कि हमारी स्वास्थ्य प्रणाली मजबूत है।’’

नड्डा ने कहा कि भारत में हर साल बड़ी संख्या में बच्चे पैदा होते हैं और उन्हें विभिन्न टीके लगाए जाते हैं, जिनका रिकॉर्ड भी रखा जाता है।

उन्होंने अधिक डॉक्टर तैयार करने के सरकार के प्रयासों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, ‘‘हम वो हैं जो दुनिया को डॉक्टर देते हैं। मेडिकल सीट (एमबीबीएस) की संख्या 50,000 से बढ़कर 1.18 लाख हो गई है, जबकि पीजी सीट 3,000 से बढ़कर 65,000 से अधिक हो गई हैं।’’

उन्होंने इसकी अवधि नहीं बताई।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, ‘‘हमारी तुलना लंदन की स्वास्थ्य व्यवस्था से नहीं की जा सकती। अगर हम लंदन में मौजूद (भारत द्वारा उत्पादित) आधे डॉक्टरों को वापस बुला लें, तो उनकी स्वास्थ्य व्यवस्था ध्वस्त हो जाएगी।’’

उन्होंने कहा कि यह गर्व की बात है कि डॉक्टर लोगों को बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘हमारे यहां तपेदिक का पता लगाने और इसके मामलों में कमी आने की दर वैश्विक औसत से दोगुनी है। हमारी स्वास्थ्य प्रणाली बहुत मजबूती से आगे बढ़ रही है। अफ्रीकी देशों से लोग सस्ते और बेहतर इलाज के लिए यहां आ रहे हैं। हम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय जरूरतों को पूरा कर रहे हैं।’’

नड्डा ने कहा कि चिकित्सा पेशे से लाखों कमाए जा सकते हैं, लेकिन इस क्षेत्र का उद्देश्य लाखों लोगों की सद्भावना अर्जित करना है।

उन्होंने हाई-टेक प्रयोगशाला में कहा,‘‘इसलिए आपको अपनी कार्य-पद्धति तय करनी होगी... किसी को भी एक जीवन में सब कुछ नहीं मिल जाता। प्राथमिकताएं तय होनी चाहिए और व्यक्ति को स्वयं और समाज के बीच संतुलन बनाना चाहिए।’’

नड्डा ने यह भी आश्चर्य जताया कि क्या ‘अंतरराष्ट्रीय मानक हमारे मानक होने चाहिए।’

उन्होंने कहा, ‘‘भारत को अपना आधार तैयार करने की जरूरत है। इसलिए हमें इस बात से अवगत होना चाहिए कि चिकित्सा क्षेत्र में हमें क्या चाहिए और हम किस तरह आगे बढ़ रहे हैं।’’

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