ताजा खबरें | एफसीआरए कानून का दुरूपयोग करने वाले एनजीओ पर सख्त कार्रवाई होगी : अमित शाह
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नयी दिल्ली, 21 दिसंबर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को कहा कि विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) का दुरूपयोग करने वाले एनजीओ एवं संगठनों के प्रति कोई दया भाव नहीं दिखाया जायेगा और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी।
लोकसभा में नियम 193 के तहत ‘‘देश में मादक पदार्थ दुरुपयोग की समस्या और इस संबंध में सरकार द्वारा उठाये गये कदम’’ विषय पर चर्चा में हस्तक्षेप करते हुए शाह ने कहा कि कुछ सदस्य एफसीआरए कानून का जिक्र कर रहे थे, इससे ढेर सारे एनजीओ जुड़े हैं...कुछ एनजीओ भारत के समाज को स्वस्थ रखना चाहते हैं लेकिन कुछ इसे प्रताड़ित करना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि दोनों तरह के एनजीओ के लिये भारत सरकार की नीति एक नहीं हो सकती है।
उन्होंने कहा, ‘‘ जो एफसीआरए कानून का पालन नहीं करेगा, उसके खिलाफ सख्ती की जायेगी। कोई दया का भाव नहीं दिखाया जायेगा। ’’
अमित शाह ने कहा विदेशों से आने वाले धन के स्रोत राज्य की निगरानी में नहीं हों, ऐसा नहीं चलेगा।
उन्होंने कहा, ‘‘ बहुत चला लिया आपने (कांग्रेस ने), जब आपकी सरकार थी। यह नरेंद्र मोदी सरकार है, ऐसा बिल्कुल नहीं होने देगी।’’
गृह मंत्री ने कहा कि सरकार देश को खत्म करने के लिए ‘एक कानी पाई’ भी देश के भीतर नहीं आने देगी।
शाह ने बताया कि देश में नशामुक्ति अभियान में चिन्मय मिशन, निरंकारी, ब्रह्मकुमारी और आर्ट ऑफ लिविंग जैसी आध्यात्मिक संस्थाएं जुड़ी है, इन्हें एफसीआरए कानून से कोई दिक्कत नहीं है।
उन्होंने कहा, ‘‘ लेकिन जो लोग देश के अंदर जन सांख्यिकी बदलने के लिए एफसीआरए का दुरुपयोग करना चाहते हैं, उसकी इजाजत नहीं मिलेगी और सख्त कार्रवाई की जायेगी।’’
ज्ञात हो कि गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने संसद के चालू शीतकालीन सत्र में ही एक सवाल के लिखित जवाब में राज्यसभा को बताया था कि 2017 से 2021 के बीच 6,677 गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) का एफसीआरए पंजीकरण रद्द किया गया। कानून के विभिन्न प्रावधानों के उल्लंघन को लेकर इन गैर-सरकारी संगठनों का पंजीकरण रद्द कर दिया गया था।
बहरहाल, अमित शाह ने सीमा सुरक्षा बल के अधिकार क्षेत्र को लेकर समय-समय पर विपक्ष के सदस्यों की चिंताओं को खारिज करते हुए कहा कि देश के दुश्मन नशीले पदार्थ बेच रहे हैं, लेकिन बीएसएफ और अन्य एजेंसियां गिरफ्तार करेंगी लेकिन उन्हें मुकदमे का अधिकार नहीं।
उन्होंने कहा, ‘‘एजेंसियां निहत्थी नहीं बैठ सकतीं। उन्हें अधिकार देना होगा।’’
शाह ने कहा कि जो इसे राजनीतिक मुद्दा बना रहे हैं, वे ड्रग के कारोबार का समर्थन कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि सरकार ने मादक पदार्थों के दुरुपयोग के मामलों में वित्तीय जांच के लिए कई विशेषज्ञों की सेवाएं ली हैं।
उन्होंने गुजरात के एक बंदरगाहर पर कुछ महीने पहले मादक पदार्थ की बड़ी खेप पकड़े जाने और इस पर बार-बार कांग्रेस समेत अन्य दलों के सदस्यों की आलोचनाओं पर कहा कि यह खेप सीमाशुल्क विभाग के सॉफ्टवेयर विश्लेषण के आधार पर ही पकड़ी गयी।
शाह ने कहा कि जिस राज्य में नशीला पदार्थ पकड़ा जाता है तो इसका यह मतलब नहीं है कि उस राज्य में इसका दुरुपयोग ज्यादा हो रहा है, बल्कि इसका अर्थ है कि उस राज्य में सबसे ज्यादा कार्रवाई होती है।
उन्होंने कहा कि इस हिसाब में तो पंजाब में मादक पदार्थ की समस्या ही नहीं है क्योंकि वहां कार्रवाई नहीं होती।
गृह मंत्री ने कहा, ‘‘खेप नहीं पकड़ेंगे तो आंकड़े अच्छे हो जाएंगे। इस शुतुरमुर्ग नीति से देश को नहीं बचाया जा सकता। मुंह मिट्टी में डालने से आंधी नहीं चली जाती, उसे सीने पर झेलना पड़ता है।’’
शाह ने कुछ विपक्षी सदस्यों के सवाल पर कहा कि मादक पदार्थ की खेप खाड़ी देश से आ रही थी, उसके मालिक को पकड़ा गया। उन्होंने कहा कि पूछताछ के आधार पर कारखाने सील कर दिये गये और देशभर में छापे मारकर कार्रवाई की गयी।
उन्होंने कहा कि इस संबंध में चालान ऑनलाइन उपलब्ध है, कोई भी देख सकता है।
शाह ने कहा कि समुद्री रास्ते से नशीले पदार्थों की आपूर्ति रोकने के लिए नौसेना, तटरक्षक और एनसीबी समेत विभिन्न एजेंसियो की साप्ताहिक बैठक होती है।
उन्होंने कहा, ‘‘हम देश में एक कोना भी ऐसा नहीं छोड़ना चाहते जहां से नशीले पदार्थों का अवैध व्प्यापार हो।’’
उन्होंने कहा कि सभी जिलों में तहसील स्तर तक नशामुक्ति अभियान को पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।
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