जरुरी जानकारी | वित्त वर्ष 2019-20 में भंडारण मांग 11 प्रतिशत घटी, चालू वित्त वर्ष में और घटने की आशंका: नाइट फ्रैंक

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. आर्थिक सुस्ती के चलते देश के आठ प्रमुख शहरों में समाप्त वित्त वर्ष 2019-20 के दौरान मालगोदामों की मांग 11 प्रतिशत गिरकर 413 लाख वर्गफुट रह गयी। संपत्ति संबंधी परामर्श देने वाली कंपनी नाइट फ्रैंक की एक रिपोर्ट में इसकी जानकारी दी गयी है।

नयी दिल्ली, दो जुलाई आर्थिक सुस्ती के चलते देश के आठ प्रमुख शहरों में समाप्त वित्त वर्ष 2019-20 के दौरान मालगोदामों की मांग 11 प्रतिशत गिरकर 413 लाख वर्गफुट रह गयी। संपत्ति संबंधी परामर्श देने वाली कंपनी नाइट फ्रैंक की एक रिपोर्ट में इसकी जानकारी दी गयी है।

कंपनी ने बृहस्पतिवार को जारी अपनी हालिया रिपोर्ट ‘इंडिया वेयरहाउसिंग मार्केट रिपोर्ट- 2020’ में कहा कि देश के आठ प्रमुख शहरों ‘राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर), मुंबई, अहमदाबाद, पुणे, बेंगलुरू, कोलकाता, चेन्नई और हैदराबाद में 2018-19 में माल गोदामों की मांग 464 लाख वर्गफुट रही थी।

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हालांकि उसने कहा कि मांग में गिरावट के बाद भी ए-ग्रेड की भंडारगृह परियोजनाओं में किराये में चार से सात प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी।

नयी अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के लागू होने के बाद मालगोदाम क्षेत्र के लिये संस्थागत निवेशकों ने 6.5 अरब डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता जतायी हैं।

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नाइट फ्रैंक इंडिया ने अनुमान लगाया कि देश के इन आठ प्रमुख शहरों में अभी 30.7 करोड़ वर्गफुट की भंडारण व्यवस्था है।

उसने कहा कि इन शहरों में वेयरहाउस बनाने के लिये अभी तक रखे गये भूखंडों पर 19.3 करोड़ वर्गफुट के नये गोदाम बनाने लायक जगह है।

आंकड़ों के अनुसार, 2019-20 के दौरान माल गोदामों की मांग एनसीआर में 32 प्रतिशत कम होकर 86 लाख वर्गफुट पर आ गयी। इसी तरह यह बेंगलुरू में 23 प्रतिशत गिरकर 43 लाख वर्गफुट, कोलकाता में 14 प्रतिशत गिरकर 39 लाख वर्गफुट, चेन्नई में 19 प्रतिशत गिरकर 34 लाख वर्गफुट और हैदराबाद में 14 प्रतिशत गिरकर 34 लाख वर्गफुट मांग रही।

हालांकि इस दौरान मुंबई में भंडारगृह की मांग आठ प्रतिशत बढ़कर 75 लाख वर्गफुट, अहमदाबाद में पांच प्रतिशत बढ़कर 51 लाख वर्गफुट और पुणे में 42 प्रतिशत बढ़कर 49 लाख वर्गफुट पर पहुंच गयी।

नाइट फ्रैंक इंडिया के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) शिशिर बैजल ने संवाददाताओं से कहा, "आर्थिक सुस्ती के कारण भंडारण की मांग पिछले वित्त वर्ष में कम हुई है।"

उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण चालू वित्त वर्ष के दौरान मांग में और कमी आने का अनुमान है। हालांकि, बैजल ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में माल गोदामों के बाजार में सालाना 44 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी है।

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