देश की खबरें | गेमिंग कंपनी को जीएसटी राहत देने संबंधी उच्च न्यायालय के फैसले पर रोक

नयी दिल्ली, छह सितंबर उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को कर्नाटक उच्च न्यायालय के उस आदेश पर रोक लगा दी जिसमें एक ऑनलाइन गेमिंग मंच से 21,000 करोड़ रुपये की मांग के माल एवं सेवा कर (जीएसटी) विभाग के नोटिस को रद्द कर दिया गया था।

प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला तथा न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने जीएसटी आसूचना के महानिदेशक की याचिका पर कर्नाटक की ऑनलाइन गेमिंग कंपनी गेम्सक्राफ्ट को नोटिस जारी किया और जवाब मांगा।

शीर्ष अदालत ने मामले में अगली सुनवाई तीन सप्ताह बाद करना तय किया।

जीएसटी अधिकारी ने कर्नाटक उच्च न्यायालय के 11 मई के आदेश को चुनौती दी थी जिसने कहा था कि ‘रमी’ जुआ नहीं है, भले ही इसमें दांव लगाया जाए या बिना दांव लगाये खेला जाए।

उच्च न्यायालय ने कहा था कि रमी को ऑनलाइन खेला जाए या प्रत्यक्ष खेला जाए, यह हुनर का खेल है और किस्मत का खेल नहीं है, इसलिए गेम्सक्राफ्ट के मंचों पर खेले जाने वाले ऑनलाइन रमी तथा अन्य डिजिटल गेम ‘सट्टेबाजी’ और ‘जुआ’ के रूप में कर चुकाने के दायरे में नहीं आते।

जीएसटी अधिकारियों ने पिछले साल आठ सितंबर को गेम्सक्राफ्ट को नोटिस जारी किया था और 21,000 करोड़ रुपये की मांग की थी। कंपनी ने नोटिस को उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी।

उच्च न्यायालय की एकल पीठ ने 23 सितंबर, 2022 को जीएसटी विभाग के नोटिस पर रोक लगा दी थी।

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