देश की खबरें | स्टालिन ने प्रधानमंत्री से कावेरी डेल्टा के किसानों के लिए धान खरीद मानदंड में बदलाव का अनुरोध किया

चेन्नई, पांच फरवरी तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखकर उन्हें इस बात से अवगत कराया कि कावेरी डेल्टा क्षेत्र में एक लाख हेक्टेयर क्षेत्र में धान की फसल बेमौसम बारिश के बाद जलमग्न हो गई है। उन्होंने उनसे फसल के प्रभावित होने के मद्देनजर नमी की मात्रा समेत धान खरीद मानदंड में ढील देने का अनुरोध किया।

स्टालिन ने पत्र में कहा कि जब इस महीने धान (सांबा) की कटाई होने वाली है, तब तंजावुर, तिरुवरूर, नागपट्टिनम, माइलादुथुराई और पुदुक्कोट्टई जिलों में बेमौसम भारी बारिश से एक लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खड़ी फसल डूब गई है।

‘सांबा’ लंबी अवधि की फसल है और यह कावेरी डेल्टा क्षेत्र के किसानों की मुख्य फसल है। ‘कुरुवई’ छोटी अवधि की फसल है।

मुख्यमंत्री ने पत्र में कहा कि हालांकि पानी की निकासी के लिए सभी प्रयास किये जा रहे हैं लेकिन ‘‘हम चिंतित हैं कि भारी बारिश के कारण अनाज में नमी की मात्रा बहुत अधिक होने की संभावना है।’’ स्टालिन ने कहा कि बेमौसम भारी बारिश के मद्देनजर धान खरीद के मानदंड में छूट की आवश्यकता है।

‘कुरुवई सीजन’ सहित अतीत में हुई इसी तरह की घटनाओं में केंद्र ने विकेन्द्रीकृत खरीद योजना के तहत राज्य की खरीद एजेंसी, तमिलनाडु नागरिक आपूर्ति निगम (टीएनसीएससी) के अनुरोध पर धान की खरीद के लिए नमी की मात्रा को लेकर मानदंडों में ढील की अनुमति दी थी।

तीन फरवरी को तमिलनाडु किसान संघों की समन्वय समिति के अध्यक्ष पी आर पांडियन ने कावेरी डेल्टा क्षेत्र में प्रभावित खेतों के निरीक्षण के लिए दौरा किया था और राज्य सरकार से नुकसान के अनुरूप मुआवजा सुनिश्चित करने का अनुरोध किया था।

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