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एसएसबी ने भारत और नेपाल के संबंधों में कभी दरार नहीं आने दी : मुख्‍यमंत्री योगी

उत्तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने मंगलवार को सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) द्वारा आयोजित साइकिल रैली को रवाना किया और इस बल की कार्य पद्धति की सराहना करते हुए कहा कि एसएसबी ने कभी भारत और नेपाल के संबंधों में दरार नहीं आने दी.

एसएसबी ने भारत और नेपाल के संबंधों में कभी दरार नहीं आने दी : मुख्‍यमंत्री योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Photo Credits: PTI)

लखनऊ, 21 सितंबर : उत्तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ (Yogi Adityanath) ने मंगलवार को सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) द्वारा आयोजित साइकिल रैली को रवाना किया और इस बल की कार्य पद्धति की सराहना करते हुए कहा कि एसएसबी ने कभी भारत और नेपाल के संबंधों में दरार नहीं आने दी. एसएसबी के एक प्रवक्ता ने बताया कि तेजपुर (असम) से चली एसएसबी की साइकिल यात्रा देश के छह राज्यों से गुजरकर एकता के सूत्र को मजबूत करते हुए दो अक्टूबर, 2021 को राजघाट, नई दिल्ली में महात्मा गांधी की समाधि पर पहुंचेगी. एसएसबी की अपर महानिदेशक बी राधिका ने कहा कि आजादी के 75वें वर्ष के महोत्सव के मौके पर एसएसबी ने दस विभिन्न साइकिल रैलियों का आयोजन किया है जो अपने अपने अधिकार क्षेत्रों से निकलकर दो अक्टूबर को नई दिल्‍ली में राजघाट पर पहुंचेगी और इन यात्रा के दौरान साइकिल रैलियां उन सभी स्‍थलों पर होकर गुजरेंगी जिनका आजादी के आंदोलन में विशेष महत्व रहा है.

मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने मंगलवार को पांच कालिदास मार्ग स्थित अपने सरकारी आवास से आजादी के 75वें वर्ष में ''आजादी का अमृत महोत्‍वस'' कार्यक्रम के तहत सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) द्वारा आयोजित साइकिल रैली के ‘फ्लैग ऑफ’ समारोह में एसएसबी के मानवीय पक्ष की सराहना करते हुए कहा ''मैं अक्सर अपनी पुलिस (उत्तर प्रदेश पुलिस) से कहता हूं कि हमारे लिए अपनी परंपरागत पेशेवर इंटेलिजेंस (अभिसूचना) तो महत्वपूर्ण है ही, लेकिन उससे भी महत्‍वपूर्ण ह्यूमन इंटेलिजेंस (मानवीय अभिसूचना) होता है और एक आम नागरिक आंतरिक सुरक्षा और सीमा सुरक्षा की दृष्टि से बड़ी सटीक और सही जानकारी दे सकता है. योगी ने कहा कि एसएसबी की कार्यपद्धति को मैंने 2001 से भारत-नेपाल सीमा पर देखा है और इसने केवल एक फोर्स (बल) के रूप में नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति अपने उत्‍तरदायित्‍वों के निर्वहन के साथ-साथ स्‍थानीय नागरिकों के साथ मिशन मोड में आत्मीय संबंध बनाए हैं. उन्होंने कहा, ''भारत-नेपाल की संवेदनशील सीमा को एसएसबी ने 2001 से यहां की निगरानी और गश्त के लिए अपने हाथों में लिया, इसने भारत और नेपाल के आपसी पौराणिक और ऐतिहासिक संबंधों में कभी भी दरार नहीं आने दी बल्कि उसे मजबूती देने में बड़ी भूमिका का निर्वहन किया.’’ यह भी पढ़ें : Raj Kundra Pornography Case: राज कुंद्रा के मोबाइल, लैपटॉप से मिले 119 पोर्न वीडियो, 9 करोड़ में बेचने की थी योजना- क्राइम ब्रांच

मुख्यमंत्री ने कहा कि एसएसबी के द्वारा भारत-नेपाल सीमा पर, भारत-भूटान सीमा पर जिस प्रकार की कार्य पद्धति को अपनाकर स्‍थानीय नागरिकों के साथ बेहतर संवाद और अपनी सेवाओं के माध्यम से उनके बीच बेहतर संबंध बनाये हैं वह किसी भी व्यावसायिक और दक्ष फोर्स के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा कि मुझे प्रसन्नता है कि तेजपुर से 2,384 किलोमीटर दूरी तय करके यह यात्रा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर दो अक्टूबर को राजघाट नई दिल्ली में संपन्न होगी और यह ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की प्रधानमंत्री की परिकल्पना को साकार करेगी. एसएसबी के महानिरीक्षक रत्‍न संजय ने आभार ज्ञापित किया. इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक मुकुल गोयल, अपर मुख्‍य सचिव गृह अवनीश अवस्थी, अपर मुख्‍य सचिव सूचना नवनीत सहगल समेत कई प्रमुख लोग उपस्थित थे.

(The above story first appeared on LatestLY on Sep 21, 2021 11:14 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).