देश की खबरें | मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद श्रीरामुलु ने प्रसन्नतापूर्वक नए विभाग का प्रभार स्वीकार किया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कर्नाटक के मंत्री बी श्रीरामुलु ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने मंत्रिमंडल में दी गई नई जिम्मेदारी को प्रसन्नतापूर्वक स्वीकार कर लिया है।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

बेंगलुरु, 13 अक्टूबर कर्नाटक के मंत्री बी श्रीरामुलु ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने मंत्रिमंडल में दी गई नई जिम्मेदारी को प्रसन्नतापूर्वक स्वीकार कर लिया है।

गौरतलब है कि मंत्रिमंडल में फेरबदल के बाद उन्हें स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग से हटा दिया गया था और माना जा रहा था कि श्रीरामुलु इससे नाराज हैं।

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हालांकि, मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा द्वारा समझाने बुझाने की कोशिश के बाद वह मान गए हैं।

मुख्यमंत्री ने सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी चिकित्सा शिक्षा मंत्री के. सुधाकर को दे दी थी और श्रीरामुलु को समाज कल्याण विभाग सौंपा था। श्रीरामुलु प्रदेश भाजपा में अनुसूचित जनजाति के प्रमुख नेता हैं।

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फेरबदल से नाराज होकर श्रीरामुलु ने सोमवार को येदियुरप्पा से मुलाकात की थी और पूरे दिन अपने सहयोगियों के साथ गोपनीय बैठक की थी।

इसके बाद आज सुबह मुख्यमंत्री ने श्रीरामुलु और सुधाकर को अपने आवास पर बुलाया और उनके साथ चर्चा की।

श्रीरामुलु ने कहा, “इससे पहले पार्टी जब सत्ता में आई थी तो मैंने मुख्यमंत्री से समाज कल्याण विभाग देने का आग्रह किया था, लेकिन कुछ कारणों से मेरे पिछले कार्यकाल में किये गए अच्छे काम को देखते हुए मुझे स्वास्थ्य विभाग दिया गया था। अब मुख्यमंत्री ने फैसला लिया है कि मुझे अनुसूचित जाति जनजाति और गरीबों के लिए काम करना है।”

सुधाकर के साथ मुख्यमंत्री आवास से बाहर निकलकर उन्होंने मीडिया में आई खबरों का खंडन करते हुए कहा कि उन्होंने समाज कल्याण विभाग की जिम्मेदारी प्रसन्नतापूर्वक स्वीकार कर ली है।

श्रीरामुलु ने कहा, “मुख्यमंत्री ने मुझे और मेरे मित्र सुधाकर को बुलाया और लोगों के हित में साथ मिलकर काम करने को कहा।”

सूत्रों के अनुसार, श्रीरामुलु को चिंता है कि कोविड-19 के समय उन्हें स्वास्थ्य विभाग से हटाने से लोगों में उनकी क्षमता को लेकर गलत संदेश जाएगा।

सुधाकर ने श्रीरामुलु को ‘अन्ना’ (बड़ा भाई) संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें (श्रीरामुलु को) समाज कल्याण विभाग दिया जाना उनकी पदावनति नहीं है, बल्कि पदोन्नति है।

सुधाकर ने कहा, “वह अनुसूचित जनजाति के बड़े नेता हैं इसलिए उन्हें समाज कल्याण विभाग की जिम्मेदारी दी गई है, जो कि एक अहम विभाग है।”

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