कोलंबो, 10 जुलाई श्रीलंका में प्रदर्शनकारियों द्वारा राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास पर कब्जा किये जाने के बाद संकट में घिरे राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने अधिकारियों को आदेश दिया है कि ईंधन की कमी से जूझ रहे देश को 3,700 मीट्रिक टन एलपी गैस मिलने के बाद रसोई गैस का सुचारू वितरण सुनिश्चित किया जाए। उनके कार्यालय ने रविवार को यह जानकारी दी।
श्रीलंका में राष्ट्रपति राजपक्षे के इस्तीफे की मांग करते हुए शनिवार को प्रदर्शनकारी मध्य कोलंबो के कड़ी सुरक्षा वाले फोर्ट इलाके में राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास में घुस गये थे।
प्रदर्शनकारियों के उनके कार्यालय और आवास में घुसने की आशंका के मद्देनजर राष्ट्रपति वहां से निकल गये थे और वह किस स्थान पर हैं, इस बारे में अभी पता नहीं चल सका है।
हाल के महीनों में लोग देशभर में सड़कों को अवरुद्ध कर रहे हैं ताकि सरकार पर गैस की कमी के मुद्दे को हल करने का दबाव बनाया जा सके।
श्रीलंकाई मीडिया की खबर के अनुसार, राष्ट्रपति राजपक्षे ने अधिकारियों को गैस का वितरण करने का निर्देश दिया है, क्योंकि आज केरावलपिटिया में पहला जहाज पहुंचेगा।
खबर के अनुसार, 3,740 मीट्रिक टन गैस से लदा दूसरा जहाज 11 जुलाई को पहुंचेगा, जबकि तीसरा जहाज 3,200 मीट्रिक टन गैस लेकर 15 जुलाई को आएगा।
पुलिस ने बताया कि बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के प्रशासनिक भवनों पर कब्जा जमाये हुए हैं। पुलिस ने बताया कि रविवार को सुरक्षा व्यवस्था को बड़े स्तर पर बाधित करने की कोई खबर नहीं है।
शनिवार को जब प्रदर्शनकारियों ने इमारत पर धावा बोला था, तो उस समय राष्ट्रपति राजपक्षे राष्ट्रपति भवन में मौजूद नहीं थे।
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