विदेश की खबरें | श्रीलंका के राष्ट्रपति ने तमिल दलों को प्रस्तावित आतंकवाद-रोधी कानून की समीक्षा करने का भरोसा दिया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. श्रीलंका में विपक्षी दलों के साथ-साथ अल्पसंख्यक समुदायों के कड़े विरोध के बीच राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने मंगलवार को तमिल दलों को आश्वासन दिया कि प्रस्तावित आतंकवाद रोधी कानून की समीक्षा की जाएगी।

श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

कोलंबो, 18 जुलाई श्रीलंका में विपक्षी दलों के साथ-साथ अल्पसंख्यक समुदायों के कड़े विरोध के बीच राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने मंगलवार को तमिल दलों को आश्वासन दिया कि प्रस्तावित आतंकवाद रोधी कानून की समीक्षा की जाएगी।

विक्रमसिंघे ने 20-21 जुलाई की अपनी प्रस्तावित दिल्ली यात्रा से पहले तमिल अल्पसंख्यक दलों के साथ एक बैठक के दौरान यह आश्वासन दिया।

राष्ट्रपति कार्यालय से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि विक्रमसिंघे ने तमिल दलों के साथ प्रस्तावित आतंकवाद-रोधी विधेयक पर चर्चा की और उन्हें बताया कि मसौदा समिति विधेयक की समीक्षा करेगी और इसका राजपत्र में फिर से प्रकाशन किया जाएगा।

मार्च में, सरकार ने मौजूदा विधेयक को राजपत्र में प्रकाशित किया था, जिसकी स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक आलोचना हुई।

नया आतंकवाद-रोधी अधिनियम (एटीए) 1979 के बेहद विवादास्पद आतंकवाद निरोधक अधिनियम (पीटीए) की जगह लेगा, जिसे 1979 में तमिल अल्पसंख्यक आतंकवादी समूहों द्वारा की जाने वाली हिंसा का मुकाबला करने के लिए एक अस्थायी व्यवस्था के रूप में पेश किया गया था।

आलोचक नये प्रस्तावित आतंकवाद-रोधी कानून को मौजूदा कानून से भी काफी सख्त बता रहे हैं।

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