विदेश की खबरें | श्रीलंका ने अपनी सीमा में विदेशी अनुसंधान जहाजों के आकर रूकने पर एक साल के लिए रोक लगायी
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

कोलंबो, 20 दिसंबर श्रीलंका ने उसकी समुद्री सीमा में अनुसंधान करने के लिए विदेशी जहाजों को अनुमति देने पर एक साल के लिए रोक लगाने का फैसला किया है।

विदेश मंत्री अली सबरी ने श्रीलंकाई समुद्री सीमा में चीनी निगरानी जहाज को अनुमति देने के लिए बार बार की जा रही अपील के बीच यह घोषणा की।

सबरी ने ‘डेली मिरर’ अखबार से कहा कि श्रीलंका सरकार ने ये फैसला किया है और उससे संबंधित देशों को अवगत करा दिया है।

अखबार में कहा गया है कि चीन द्वारा जनवरी में श्रीलंकाई समुद्री सीमा में एक और अनुसंधानपरक जहाज के रूकने के वास्ते अनुमति मांगे जाने के आलोक में यह निर्णय लिया गया है।

चीन नियमित रूप से अपने अनुसंधानपरक/निगरानी जहाजों को श्रीलंका भेजता है। इस साल अगस्त में चाइना पीपुल्स लिबरेशन आर्मी की नौसेना के जंगी जहाज ‘एचएआई यांग 24 एचएओ’ दो दिन की यात्रा पर आया था।

चीन का सर्वेक्षण एवं अनुसंधान जहाज ‘शी यान 6’ भारत की आपत्ति के बाद भी अक्टूबर में श्रीलंका के कोलंबो बंदरगाह पर ठहरा था और हिंद महासगार में ‘नेशनल एक्वेटिक रिसोर्सेज एंड डेवलपमेंट एजेंसी’ के साथ अनुसंधान गतिविधियां की थीं।

पिछले साल अगस्त में चीनी बैलेस्टिक मिसाइल एवं सेटेलाइट निगरानी जहाज ‘युआन यांग 5’ श्रीलंका के हंबनटोटा बंदरगाह पहुंचा था। भारत ने इस जहाज के वहां पहुंचने और रूकने पर कड़ा ऐतराज किया था।

दरअसल भारत को इस बात की चिंता है कि इन जहाजों की उच्च प्रौद्योगिकी वाली निगरानी प्रणाली श्रीलंका जाने के रास्ते में भारतीय रक्षा प्रतिष्ठानों की जासूसी करने की चेष्टा कर सकती है।

सबरी ने कहा कि सरकार ने अगले साल जनवरी से उनके देश में अनुसंधान परक जहाजों के आने पर पर 12 महीने के लिए रोक लगाने की घोषणा की है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)