देश की खबरें | राजस्थान के कोटा में बसायी जा रही है पशुपालकों की विशेष बस्ती
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कोटा (राजस्थान), 24 अप्रैल राजस्थान के कोटा शहर में पशुपालकों के लिए विशेष बस्ती बसायी जा रही है, जिसमें 738 मकान होंगे। प्रत्येक मकान में चारा रखने के लिए स्टोर और मवेशियों के लिए शेड बनाया जाएगा, जिसमें कम से कम 28 पशु रखे जा सकेंगे।
अधिकारियों ने रविवार को बताया कि अपनी तरह की इस पहली बस्ती को कोटा शहरी बुनियादी ढांचा ट्रस्ट (यूआईटी) 300 करोड़ रुपये की लागत से देवनारायण समेकित आवासीय योजना (डीआईएचएस) के तहत बसा रहा है और इसके 30 अप्रैल तक पूरा होने की संभावना है।
उन्होंने बताया कि मई के पहले सप्ताह तक इन 738 मकानों में पशुपालकों को स्थानांतरित करने की योजना है।
यूआईटी के अधिकारियों के अनुसार, यह बस्ती धरमपुरा और बंधा गांव में प्राकृतिक हरियाली के बीच 105.09 हेक्टेयर से ज्यादा जमीन में बसायी गई है और यह दक्षिण बाईपास से करीब सात किलोमीटर दूर शहर की चहल-पहल से दूर है।
उन्होंने बताया, ‘‘इस हाई-टेक बस्ती में 35 गुना 90 फुट आकार के कम से कम 738 मकान बनाए गए हैं। प्रत्येक मकान में दो कमरे, रसोई, शौचालय, बरामदा, चारा घर और कम से कम 28 मवेशियों को रखने लायक शेड बनाये गये हैं।’’
उन्होंने बताया, ‘बस्ती में स्कूल, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, पशु अस्पताल, सामुदायिक भवन, सोसायटी कार्यालय, पुलिस चौकी, जीएसएस, पानी का टैंक, सीवर लाइन, पार्क, नाले, एसटीपी (जल-मल शोधन संयंत्र), दूध मंडी और थियेटर भी बनाया गया है।’’
अधिकारियों ने बताया कि बस्ती में बायोगैस संयंत्र भी लगाया गया है। उन्होंने बताया कि पशुपालक इस संयंत्र को गोबर बेच सकेंगे, जिससे उन्हें अतिरिक्त आय होगी।’’
राजस्थान की शहरी विकास और आवासन मंत्री शांति धारीवाल ने कहा कि इस बस्ती से पशुपालकों का जीवन स्तर बेहतर होगा और शहर के निवासियों को आवारा पशुओं की समस्या से स्थाई निजात मिलेगा, जो कि कोटा के स्मार्ट सिटी की सूची में होने के बावजूद चिंता का विषय बना हुआ था।
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