देश की खबरें | राजस्थान में पीसीपीएनडीटी अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए चलाया जाएगा विशेष अभियान
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जयपुर, 23 दिसंबर राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ रघु शर्मा ने कहा कि प्रदेश में बालिका लिंग अनुपात को बढ़ाने के लिए व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जाएगा और इसके लिये राज्य भर के सोनोग्राफी सेंटर की जांच की जाएगी।
शर्मा ने कहा कि राज्य में डिकॉय ऑपरेशन में गति लायी जाएगी ताकि जन्म से पहले लिंग की अवैध जांच पर रोक लगाई जा सके।
शर्मा बुधवार को पूर्व गर्भाधान और प्रसव पूर्व निदान तकनीक (पीसीपीएनडीटी) की राज्य पर्यवेक्षण बोर्ड की बैठक को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि लिंग अनुपात बढ़ाने के लिए चिकित्सकों को छह महीने का सोनोग्राफी एवं संबंधित विधा का प्रशिक्षण देकर फील्ड संबंधित नियोजित किया जाएगा। उन्होंने खासतौर पर सीमावर्ती और उन जिलों में कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए हैं जहां लिंगानुपात गड़बड़ाया हुआ है।
उन्होंने कहा हालांकि विभाग के प्रयासों से राज्य में लिंगानुपात पहले से बेहतर हुआ है लेकिन जहां भी कुछ कमी है उन्हें जल्द दूर किया जाएगा। उन्होंने इसके लिए नियमित अंतरराज्यीय बैठकों पर भी जोर दिया।
चिकित्सा सचिव सिद्धार्थ महाजन ने बताया कि राज्य में भ्रूण की अवैध जांच रोकने के लिए जल्द ही एक एप शुरू किया जाएगा जिससे संबंद्ध जानकारियां एक जगह रह पाएंगी और उन्हें सूचीबद्ध करना आसान होगा।
बैठक में बताया गया कि राज्य में कुल 2,046 सोनोग्राफी केन्द्र पंजीकृत हैं। राज्य में वर्ष 2020 में 971 निरीक्षण कार्रवाई की गयी जबकि अब तक कुल 18930 निरीक्षण किए गए हैं। इन निरीक्षणों में विभिन्न कमियां पाये जाने पर अब तक 227 सोनोग्राफी केन्द्रों के पंजीकरण निलम्बित व 459 निरस्त किये गये हैं। इसी तरह 754 के विरुद्ध न्यायालय में परिवाद दायर किये गये हैं और 154 मामलों में सजा दी जा चुकी हैं।
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