देश की खबरें | दावा अधिकरणों के गठन को लेकर सपा अध्यक्ष का योगी सरकार पर हमला

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा विरोध प्रदर्शनों के दौरान निजी और सार्वजनिक संपत्ति को हुए नुकसान की भरपाई के सिलसिले में दावा अधिकरणों के गठन को तानाशाही का हथियार करार दिया है।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

लखनऊ, 18 अगस्त सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा विरोध प्रदर्शनों के दौरान निजी और सार्वजनिक संपत्ति को हुए नुकसान की भरपाई के सिलसिले में दावा अधिकरणों के गठन को तानाशाही का हथियार करार दिया है।

अखिलेश ने मंगलवार को एक बयान में कहा, ‘‘राज्य की भाजपा सरकार ने हिंसा में सम्पत्ति के नुकसान की वसूली के लिए प्राधिकरण के गठन को मंजूरी दे दी है। इस प्राधिकरण का फैसला अंतिम होगा, उसके खिलाफ किसी अदालत में अपील नहीं होगी। यह व्यवस्था एक तरह से अपातकाल जैसी होगी, जब न दलील न अपील, न वकील की मान्यता होगी।’’

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उन्होंने कहा कि लखनऊ-मेरठ के अधिकार क्षेत्र वाले इस प्राधिकरण के गठन से सरकार तानाशाही वाले सभी अधिकार हथियाना चाह रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘दंगा क्षेत्र में हिंसा की रिपोर्ट भी सरकार के इशारे पर दर्ज होगी और बतौर सजा कथित दंगाई से वसूली भी मनमाने तरीके से की जाएगी।’’

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गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को उत्तर प्रदेश लोक तथा निजी सम्पत्ति क्षति वसूली नियमावली 2020 के प्रावधान के मुताबिक लखनऊ और मेरठ में सम्पत्ति क्षति दावा अधिकरण के गठन को मंजूरी दे दी है।

लखनऊ मंडल के दावा अधिकरण के कार्यक्षेत्र में झांसी, कानपुर, चित्रकूट धाम, लखनऊ, अयोध्या, देवीपाटन, प्रयागराज, आजमगढ़, वाराणसी, गोरखपुर, बस्ती और विंध्याचल धाम मंडल की दावा याचिकाएं मंजूर की जाएंगी। वहीं, मेरठ मंडल के दावा अधिकरण के कार्य क्षेत्र में सहारनपुर, मेरठ, अलीगढ़, मुरादाबाद, बरेली और आगरा मंडल की दावा याचिकाओं पर विचार किया जाएगा।

गौरतलब है कि संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ पिछले साल दिसंबर में प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हिंसक प्रदर्शन में सार्वजनिक संपत्ति को हुए नुकसान पर राज्य सरकार ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। सरकार ने दंगाइयों से इस संपत्ति के नुकसान की भरपाई के लिए एक अध्यादेश लागू किया है। इसके तहत दावा अधिकरण के गठन का भी प्रावधान किया गया है। इन अधिकरणों में दंगा, प्रदर्शन और हिंसा में निजी या सार्वजनिक संपत्तियों के नुकसान की आरोपियों से भरपाई के लिए याचिका दाखिल की जा सकेगी।

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