देश की खबरें | सपा और बसपा ने उठाया प्रवासी श्रमिकों का मुद्दा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उत्तर प्रदेश के मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने प्रवासी श्रमिकों के मुद्दे पर राज्य सरकार को अपनी-अपनी तरह से घेरा है।

जियो

लखनऊ, 10 जून उत्तर प्रदेश के मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने प्रवासी श्रमिकों के मुद्दे पर राज्य सरकार को अपनी-अपनी तरह से घेरा है।

सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बुधवार को ट्वीट कर कहा, "उत्तर प्रदेश में आज बेरोज़गारी आत्महत्याओं के रूप में एक भयावह समस्या बन गयी है। कोरोना के सच को झुठलाकर चुनाव में व्यस्त हो गयी भाजपा बेरोज़गारी तथा भुखमरी को जब समस्या ही नहीं मान रही है तो समाधान क्या करेगी।"

यह भी पढ़े | राजस्थान में कोरोना वायरस का कहर जारी, एक हफ्ते के लिए सील की गई सीमा.

उन्होंने कहा, "बिहार चुनाव आते ही कुछ दिनों बाद तो प्रदेश के ‘स्टार प्रचारक’ भी उड़ चलेंगे।"

इस बीच, बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि कोरोना महामारी और लॉकडाउन के कारण बेरोजगार तथा बेसहारा होकर जैसे-तैसे हजारों किलोमीटर दूर घर वापसी करते समय नियमों का अक्षरशः पालन नहीं कर पाने वाले मजलूम प्रवासी श्रमिकों के विरूद्ध जो मुकदमे दर्ज किए गए हैं उन्हें वापस लेने का उच्चतम न्यायालय का आदेश सही, सामयिक और सराहनीय है।

यह भी पढ़े | बिहार में कोविड-19 के 128 नए मामलों की पुष्टि, राज्य में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 5583 हुई: 10 जून 2020 की बड़ी खबरें और मुख्य समाचार LIVE.

उन्होंने कहा कि घर वापस लौटे प्रवासी श्रमिकों को उनके गृह राज्य में उनकी योग्यता का आकलन करके रोजगार की व्यवस्था करने सम्बंधी न्यायालय के निर्देश का भी भरपूर स्वागत है।

मायावती ने कहा कि इस सम्बन्ध में अब सरकारों को गंभीर तथा संवेदनशील होकर ठोस कार्रवाई अविलम्ब शुरू कर देनी चाहिए, यह बसपा की माँग है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\