एजेंसी न्यूज

जरुरी जानकारी | विदेशों में तेजी के बावजूद स्थानीय मांग कमजोर होने से सोयाबीन और सीपीओ में गिरावट

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. विदेशी बाजारों में तेजी के रुख के बावजूद स्थानीय मांग की कमी के कारण स्थानीय तेल तिलहन बाजार में मंगलवार को सोयाबीन दिल्ली, सोयाबीन डीगम और सीपीओ में गिरावट दर्ज हुई। त्यौहारी मौसम में सरसों तेल की मांग के अलावा किसी अन्य तेल की मांग अधिक नहीं है इसलिए बाकी तेल तिलहनों के भाव पूर्ववत बने रहे।

जरुरी जानकारी | विदेशों में तेजी के बावजूद स्थानीय मांग कमजोर होने से सोयाबीन और सीपीओ में गिरावट

नयी दिल्ली, 13 अक्टूबर विदेशी बाजारों में तेजी के रुख के बावजूद स्थानीय मांग की कमी के कारण स्थानीय तेल तिलहन बाजार में मंगलवार को सोयाबीन दिल्ली, सोयाबीन डीगम और सीपीओ में गिरावट दर्ज हुई। त्यौहारी मौसम में सरसों तेल की मांग के अलावा किसी अन्य तेल की मांग अधिक नहीं है इसलिए बाकी तेल तिलहनों के भाव पूर्ववत बने रहे।

बाजार के जानकार सूत्रों ने कहा कि सहकारी संस्था नाफेड और हाफेड ने मंगलवार को हरियाणा के हांसी में 11,800 टन सरसों की बिक्री के लिए बोली मांगी थी जहां एक स्टॉकिस्ट ने तो पूरे के पूरे के स्टॉक के लिए 5,100 रुपये प्रति क्विन्टल की बोली भेजी और बाकियायें ने 1,700 टन के लिए 5,114 रुपये क्विन्टल के भाव से बोली लगाई है। सूत्रों ने कहा कि त्यौहारी मौसम में केवल सरसों की मांग है और सरकारी बिक्री करने वाली नाफेड जैसी संस्थाओं को अगले पांच-छह महीने के लिए स्टॉक बचा कर चलना चाहिये क्योंकि सर्दियों में सरसों की मांग और बढ़ेगी।

यह भी पढ़े | Rajya Sabha Election 2020: राम गोपाल यादव होंगे यूपी राज्यसभा सीट पर एसपी प्रत्याशी.

उन्होंने कहा कि कुछ सट्टेबाजों ने जानबूझकर वायदा कारोबार में सरसों का भाव तोड़ रखा है जिसका असली मकसद आने वाले दिनों में मांग बढ़ने की संभावना को देखते हुए सरकारी संस्था से ज्यादा से ज्यादा स्टॉक खरीद लेना है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस बात का संज्ञान लेना चाहिये कि हाफेड और नाफेड जैसी संस्थायें उपभोक्ताओं और किसानों के हित के लिए है न कि सट्टेबाजी के लिए। उन्होंने कहा कि वायदा भाव तोड़ने वालों पर अंकुश लगाया जाना जरूरी है। प्रमुख तेल संस्था सोपा ने सोयाबीन के वायदा कारोबार को बंद करने की मांग की है।

मांग न होने से सोयाबीन दिल्ली और सोयाबीन डीगम के भाव 50 - 50 रुपये की गिरावट दर्शाते क्रमश: 10,150 रुपये और 9,100 रुपये क्विन्टल पर बंद हुए। मांग प्रभावित होने से सीपीओ भी 50 रुपये की हानि के साथ 8,050 रुपये क्विन्टल पर बंद हुआ।

यह भी पढ़े | SBI Core Banking System Down: भारतीय स्टेट बैंक की कोर बैंकिंग सर्विस हुई प्रभावित, लेकिन ATM कर रहे हैं काम.

बाकी तेल तिलहनों के भाव पूर्ववत बने रहे।

तेल तिलहन बाजार में थोक भाव इस प्रकार रहे- (भाव- रुपये प्रति क्विंटल)

सरसों तिलहन - 5,570 - 5,625 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये।

मूंगफली दाना - 5,015- 5,065 रुपये।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात)- 12,500 रुपये।

मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 1,885 - 1,945 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 11,000 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 1,715 - 1,865 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 1,835 - 1,945 रुपये प्रति टिन।

तिल मिल डिलिवरी तेल- 11,000 - 15,000 रुपये।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 10,150 रुपये।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 9,950 रुपये।

सोयाबीन तेल डीगम- 9,100 रुपये।

सीपीओ एक्स-कांडला- 8,050 रुपये।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 9,100 रुपये।

पामोलीन आरबीडी दिल्ली- 9,350 रुपये।

पामोलीन कांडला- 8,550 रुपये (बिना जीएसटी के)।

सोयाबीन तिलहन मिल डिलिवरी भाव 4,045 - 4,070 लूज में 3,895 -- 3,945 रुपये।

मक्का खल (सरिस्का) - 3,500 रुपये

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

(The above story first appeared on LatestLY on Oct 13, 2020 08:49 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).