जरुरी जानकारी | सोयाबीन तेल कीमतों में सुधार, पाम एवं पामोलीन में गिरावट
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. मलेशिया में 1.5 प्रतिशत की मंदी के बीच शुक्रवार को दिल्ली तेल तिलहन बाजार में बृहस्पतिवार को सीपीओ और पामोलीन तेल कीमतों में गिरावट का रुख रहा जबकि कल आयात शुल्क मूल्य में बढ़ोतरी किये जाने की उम्मीद से सोयाबीन दिल्ली और इंदौर कीमतों में सुधार दर्ज हुआ।
नयी दिल्ली, 26 नवंबर मलेशिया में 1.5 प्रतिशत की मंदी के बीच शुक्रवार को दिल्ली तेल तिलहन बाजार में बृहस्पतिवार को सीपीओ और पामोलीन तेल कीमतों में गिरावट का रुख रहा जबकि कल आयात शुल्क मूल्य में बढ़ोतरी किये जाने की उम्मीद से सोयाबीन दिल्ली और इंदौर कीमतों में सुधार दर्ज हुआ।
बाकी अन्य तेल तिलहन के भाव पूर्वस्तर पर बंद हुए।
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बाजार के जानकार सूत्रों ने कहा कि सामान्य कारोबार के बीच सरसों और मूंगफली तेल तिलहन कीमतें पूर्वस्तर पर बनी रहीं। नाफेड और हाफेड कम भाव पर माल नहीं बेच रहा। आगामी जनवरी फरवरी की मांग में वृद्धि के आसार को देखते हुए सरसों की बिकवाली को रोकना चाहिये क्योंकि नाफेड के पास स्टॉक कम रह गया है।
उन्होंने कहा कि शुक्रवार को 1-15 दिसंबर के पखवाड़े का नया आयात शुल्क मूल्य अधिसूचित किया जायेगा जिसमें बाजार भाव के हिसाब से सोयाबीन के शुल्क में अधिक वृद्धि तथा सीपीओ के आयात शुल्क मूल्य में मामूली वृद्धि होने की उम्मीद की जा रही है। इस उम्मीद के बीच सोयाबीन दिल्ली और इंदौर की कीमतें क्रमश: 10-10 रुपये सुधरकर क्रमश: 11,480 रुपये और 11,260 रुपये प्रति क्विन्टल पर बंद हुई।
सूत्रों के अनुसार सीपीओ और सोयाबीन डीगम के आयात शुल्क मूल्य को 957 डॉलर से बढ़ाकर 1,050-55 डॉलर किये जाने की संभावना है जिससे इस तेल की कीमत में लगभग 270 रुपये प्रति क्विन्टल की वृद्धि हो सकती है। मलेशिया एक्सचेंज में मंदी के रुख के बीच तेल संयंत्र पामोलीन तेल की बिक्री का भाव 9,750 रुपये क्विन्टल रख रखा है जबकि देश में ‘रीसेलर’ इसे 9,500 रुपये के भाव बेच रहे हैं। शुल्क वृद्धि की संभावना के बावजूद जाड़े की मांग कमजोर पड़ने और बेपड़ता कारोबार के कारण सीपीओ की कीमतों में गिरावट दर्ज हुई।
सूत्रों ने कहा कि बैंक में शनिवार से तीन दिनों की छुट्टी है और जिन स्थानीय कारोबारियों को 30 नवंबर तक अपने माल उठाव करना है उन्होंने उठाव कर जल्दी बिक्री नहीं की तो 500 रुपये प्रति क्विन्टल की उनकी ‘सिक्योरिटी मनी’ जब्त हो जायेगी, इसलिए वे सस्ते में अपने सौदों को निपटा रहे हैं। इस वस्तुस्थिति के कारण सीपीओ और पामोलीन तेल कीमतों में गिरावट देखी गई।
सूत्रों ने कहा कि मौजूदा वर्ष में सरकार की ओर से सरसों के लिए अच्छी कीमत अदायगी को देखते हुए अगले वर्ष सरकार पर सरसों की एमएसपी पर खरीद करने का दबाव नहीं रहेगा। सोयाबीन के महंगा होने से सरसों की मांग रहेगी तथा हाजिर भाव एमएसपी से ऊपर रहेंगे।
तेल-तिलहन बाजार में थोक भाव इस प्रकार रहे- (भाव- रुपये प्रति क्विंटल)
सरसों तिलहन - 6,170 - 6,220 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये।
मूंगफली दाना - 5,440- 5,490 रुपये।
मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात)- 13,750 रुपये।
मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 2,120 - 2,180 रुपये प्रति टिन।
सरसों तेल दादरी- 12,000 रुपये प्रति क्विंटल।
सरसों पक्की घानी- 1,840 - 1,990 रुपये प्रति टिन।
सरसों कच्ची घानी- 1,960 - 2,070 रुपये प्रति टिन।
तिल मिल डिलिवरी तेल- 11,000 - 15,000 रुपये।
सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 11,480 रुपये।
सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 11,260 रुपये।
सोयाबीन तेल डीगम- 10,300 रुपये।
सीपीओ एक्स-कांडला- 9,000 रुपये।
बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 10,000 रुपये।
पामोलीन आरबीडी दिल्ली- 10,300 रुपये।
पामोलीन कांडला- 9,500 रुपये (बिना जीएसटी के)।
सोयाबीन तिलहन मिल डिलिवरी भाव 4,500 - 4,550 लूज में 4,235 -- 4,265 रुपये।
मक्का खल (सरिस्का) - 3,500 रुपये।
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(The above story first appeared on LatestLY on Nov 26, 2020 06:38 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

