जरुरी जानकारी | शिकॉगो के मजबूत होने से सोयाबीन तेल में सुधार, सोयाबीन तिलहन में गिरावट
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. देश के तेल-तिलहन बाजार में सोमवार को शिकॉगो एक्सचेंज के मजबूत रहने के कारण सोयाबीन तेल तथा सीमित आवक के बीच जाड़े की मांग बढ़ने से सरसों तेल-तिलहन के दाम सुधार दर्शाते बंद हुए, जबकि ऊंचा भाव होने की वजह से दाम बेपड़ता बैठने और इसके कारण मांग प्रभावित होने से सोयाबीन तिलहन में गिरावट आई। सामान्य कामकाज के बीच कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तेल तथा मूंगफली तेल-तिलहन और बिनौला तेल के दाम पूर्वस्तर पर बने रहे।
नयी दिल्ली, छह जनवरी देश के तेल-तिलहन बाजार में सोमवार को शिकॉगो एक्सचेंज के मजबूत रहने के कारण सोयाबीन तेल तथा सीमित आवक के बीच जाड़े की मांग बढ़ने से सरसों तेल-तिलहन के दाम सुधार दर्शाते बंद हुए, जबकि ऊंचा भाव होने की वजह से दाम बेपड़ता बैठने और इसके कारण मांग प्रभावित होने से सोयाबीन तिलहन में गिरावट आई। सामान्य कामकाज के बीच कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तेल तथा मूंगफली तेल-तिलहन और बिनौला तेल के दाम पूर्वस्तर पर बने रहे।
बाजार सूत्रों ने कहा कि पाम-पामोलीन का दाम सोयाबीन तेल जैसे सॉफ्ट आयल से भी 16-17 रुपये किलो ऊंचा बैठता है और इस भाव पर लिवाल नजर नहीं आ रहे। इस स्थिति के बीच पाम, पामोलीन के भाव पूर्वस्तर पर बने रहे। मूंगफली और बिनौला का चलन अधिकांशतया गुजरात में है जबकि उत्तर भारत और अन्य स्थानों पर इसकी उतनी मांग नहीं होती। बिनौला खल का दाम कमजोर होने के बीच मूंगफली तेल-तिलहन और बिनौला तेल भाव भी पूर्वस्तर पर ही बंद हुए।
सूत्रों ने कहा कि मंडियों में सरसों की आवक सीमित रही। सहकारी संस्थायें हाफेड और नाफेड पूरी सूझबूझ के साथ सरसों बेच रही हैं। लेकिन जाड़े की मांग बढ़ने और कमजोर आवक के बीच सरसों तेल-तिलहन में सुधार देखने को मिला। वहीं शिकॉगो एक्सचेंज के मजबूत होने के कारण सोयाबीन तेल कीमतों में तेजी देखने को मिली।
उन्होंने कहा कि विदेशों में सोयाबीन डीओसी की मांग है पर हमारे देश में जो सोयाबीन उत्पादन की लागत बैठती है, उसके कारण इससे प्राप्त होने वाला डी-आयल्ड केक (डीओसी) अंतरराष्ट्रीय बाजार में महंगा बैठता है। इस बेपड़ता भाव के कारण डीओसी की मांग प्रभावित होने से सोयाबीन तिलहन में गिरावट दर्ज हुई।
सूत्रों ने कहा कि भारतीय कपास निगम (सीसीआई) ने आज कपास के प्रति कैंडी के दाम में 300 रुपये की और बिनौला सीड के दाम में 50-100 रुपये क्विंटल की वृद्धि की है जो यह दर्शाता है कि पहले ये जिंस कम दाम पर बिक रहे थे।
तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:
सरसों तिलहन - 6,550-6,600 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली - 5,800-6,125 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 14,000 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली रिफाइंड तेल - 2,125-2,425 रुपये प्रति टिन।
सरसों तेल दादरी- 13,650 रुपये प्रति क्विंटल।
सरसों पक्की घानी- 2,310-2,410 रुपये प्रति टिन।
सरसों कच्ची घानी- 2,310-2,435 रुपये प्रति टिन।
तिल तेल मिल डिलिवरी - 18,900-21,000 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 13,150 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 13,000 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 9,150 रुपये प्रति क्विंटल।
सीपीओ एक्स-कांडला- 12,900 रुपये प्रति क्विंटल।
बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 11,900 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 14,000 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन एक्स- कांडला- 13,100 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।
सोयाबीन दाना - 4,275-4,325 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन लूज- 3,975-4,075 रुपये प्रति क्विंटल।
मक्का खल (सरिस्का)- 4,100 रुपये प्रति क्विंटल।
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(The above story first appeared on LatestLY on Jan 06, 2025 09:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

