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जरुरी जानकारी | आयात शुल्क में कमी के बाद बीते सप्ताह सोयाबीन तेल, सीपीओ में गिरावट

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. देश में खाद्यतेलों के दामों में तेजी पर अंकुश लगाने के लिए सभी रिफाइंड तेलों के आयात शुल्क में की गई कमी के बाद बीते सप्ताह देश के प्रमुख तेल-तिलहन बाजारों में सोयाबीन तेल के दाम में गिरावट देखी गई, जबकि सोयाबीन के तेल रहित खल (डीओसी) की स्थानीय मांग के कारण सोयाबीन दाना की कीमत में सुधार दिखा।

जरुरी जानकारी | आयात शुल्क में कमी के बाद बीते सप्ताह सोयाबीन तेल, सीपीओ में गिरावट

नयी दिल्ली, 26 दिसंबर देश में खाद्यतेलों के दामों में तेजी पर अंकुश लगाने के लिए सभी रिफाइंड तेलों के आयात शुल्क में की गई कमी के बाद बीते सप्ताह देश के प्रमुख तेल-तिलहन बाजारों में सोयाबीन तेल के दाम में गिरावट देखी गई, जबकि सोयाबीन के तेल रहित खल (डीओसी) की स्थानीय मांग के कारण सोयाबीन दाना की कीमत में सुधार दिखा।

बाजार सूत्रों ने कहा कि मुर्गीपालन व्यवसाय के प्रतिनिधि काफी समय से डीओसी की उपलब्धता बढ़ाने की मांग कर रहे थे और सरकार ने इस बात को ध्यान में रखते हुए डीओसी पर स्टॉक रखने की सीमा निर्धारित कर दी है। इसी बीच सोयाबीन की मांग बढ़ने तथा किसानों के द्वारा नीचे के भाव पर बिकवाली से बचने के कारण सोयाबीन दाना और लूज के भाव अपने पिछले सप्ताहांत के मुकाबले समीक्षाधीन सप्ताहांत में लाभ दर्शाते बंद हुए।

उन्होंने कहा कि आयात शुल्क में कमी किये जाने के बाद आयातित तेल सोयाबीन डीगम के भाव में गिरावट आई जिसका असर बाकी सोयाबीन तेल कीमतों पर भी हुआ। सामान्य कारोबार के बीच हल्के तेल की मांग होने से सोयाबीन दिल्ली तेल का भाव अपने पिछले सप्ताहांत के मुकाबले समीक्षाधीन सप्ताहांत में मामूली सुधार के साथ बंद हुआ। किसान नीचे भाव में अपनी ऊपज बेचने से बच रहे हैं और सोयाबीन की कम उपलब्धता होने की वजह से पेराई संयंत्र अपनी क्षमता के 30-35 प्रतिशत का ही उपयोग कर पा रही हैं।

उन्होंने कच्चा पामतेल के बारे में कहा कि जाड़े में इसकी मांग सामान्य तौर पर कम होती है मगर मौजूदा स्थिति में पामोलीन का भाव सीपीओ से नीचे चल रहा है। आयातकों को सीपीओ का आयात कर उसका पामोलीन तेल बनाने में प्रसंस्करण का खर्च काफी महंगा बैठता है और पामोलीन सीपीओ के मुकाबले सस्ते में उपलब्ध है। इसलिए सीपीओ की मांग बेहद कमजोर होने की वजह से अपने पिछले सप्ताहांत के मुकाबले समीक्षाधीन सप्ताहांत में सीपीओ में गिरावट देखी गई। आयातक पामोलीन के आयात पर जोर दे रहे हैं। इसकी वजह से पामोलीन के भाव पूर्ववत बने रहे।

सूत्रों ने कहा कि तिलहन व्यापारी, किसान, मिल वालों के पास जो सरसों का स्टॉक था, उसे बाजार में निकालने से इसमें गिरावट आई है। वैसे लगभग दो महीने बाद सरसों की नयी फसल आयेगी तभी स्थिति में सुधार दिखेगा।

उन्होंने कहा कि बिनौला के बीज महंगे दाम पर बिक रहे हैं जबकि तेल का दाम कम है। इस बेपड़ता स्थिति के कारण बिनोला तेल में सुधार है। बीज की अनुपलब्धता के कारण इसके पेराई की लगभग 50 प्रतिशत मिलें बंद हो चुकी हैं।

सूत्रों ने बताया कि बीते सप्ताह सरसों दाने का भाव 600 रुपये की गिरावट के साथ 7,975-8,025 रुपये प्रति क्विंटल रह गया, जो पिछले सप्ताहांत 8,500-8,525 रुपये प्रति क्विंटल था। सरसों दादरी तेल का भाव पिछले सप्ताहांत के मुकाबले 500 रुपये घटकर समीक्षाधीन सप्ताहांत में 16,000 रुपये क्विंटल रह गया। वहीं सरसों पक्की घानी और कच्ची घानी तेल की कीमत 75-75 रुपये की गिरावट के साथ क्रमश: 2,390-2,515 रुपये और 2,570-2,680 रुपये प्रति टिन रह गईं।

सूत्रों ने कहा कि समीक्षाधीन सप्ताहांत में सोयाबीन दाने और सोयाबीन लूज के भाव क्रमश: 75-75 रुपये की तेजी के साथ क्रमश: 6,500-6,550 रुपये और 6,300-6,350 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुए।

आयात शुल्क कम किये जाने के बाद सोयाबीन डीगम में गिरावट के कारण समीक्षाधीन सप्ताह में सोयाबीन इंदौर और सोयाबीन डीगम के भाव क्रमश: 20 रुपये और 50 रुपये की हानि दर्शाते क्रमश: 12,430 रुपये, और 11,350 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुए। सामान्य घट बढ़ को दर्शाता सोयाबीन दिल्ली का भाव 20 रुपये सुधरकर 12,800 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।

सूत्रों ने कहा कि मूंगफली तेल के दाम पहले काफी टूटे हैं और अब किसान नीचे भाव में फसल बेचने को राजी नहीं है। गिरावट के आम रुख के विपरीत, समीक्षाधीन सप्ताह में मूंगफली दाना, मूंगफली तेल गुजरात और मूंगफली साल्वेंट के भाव में सुधार आया। मूंगफली दाना, मूंगफली तेल गुजरात और मूंगफली साल्वेंट का भाव क्रमश: 50 रुपये, 160 रुपये और 20 रुपये के सुधार दर्शाते क्रमश: 5,725-5,810 रुपये, 12,700 रुपये और 1,860-1,985 रुपये प्रति क्विन्टल पर बंद हुए।

समीक्षाधीन सप्ताहांत में कच्चे पाम तेल (सीपीओ) से पामोलीन के सस्ता बैठने के कारण सीपीओ की मांग बेहद कमजोर है जिससे सीपीओ का भाव 30 रुपये की गिरावट के साथ 10,720 रुपये क्विंटल पर बंद हुआ। पामोलीन की मांग होने के बीच पामोलीन दिल्ली और पामोलीन कांडला तेल का भाव 12,200 रुपये और 11,150 रुपये प्रति क्विंटल पर अपरिवर्तित रहा।

बिनौला तेल का भाव 50 रुपये का सुधार दर्शाता 11,500 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।

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(The above story first appeared on LatestLY on Dec 26, 2021 10:34 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).