जरुरी जानकारी | सोयाबीन, सरसों, सीपीओ और पामोलीन तेल तिलहन कीमतों में सुधार
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. अंतरराष्ट्रीय बाजार, शिकागो एक्सचेंज में तीन प्रतिशत और मलेशिया एक्सचेंज में 2.5 प्रतिशत की तेजी के बीच बुधवार को दिल्ली तेल तिलहन बाजार में सरसों, सोयाबीन तेल तिलहन में सुधार दर्ज हुआ जबकि बेपड़ता कारोबार और उत्पादन प्रभावित होने से सीपीओ और पामोलीन तेल कीमतों में भी सुधार आया।
नयी दिल्ली, 18 नवंबर अंतरराष्ट्रीय बाजार, शिकागो एक्सचेंज में तीन प्रतिशत और मलेशिया एक्सचेंज में 2.5 प्रतिशत की तेजी के बीच बुधवार को दिल्ली तेल तिलहन बाजार में सरसों, सोयाबीन तेल तिलहन में सुधार दर्ज हुआ जबकि बेपड़ता कारोबार और उत्पादन प्रभावित होने से सीपीओ और पामोलीन तेल कीमतों में भी सुधार आया।
कोरोना वायरस के प्रकोप के मद्देनजर मजदूरों की कम उपलब्धता की वजह से मलेशिया में उत्पादन प्रभावित होने से भी पाम एवं पामोलीन तेल कीमतों में सुधार आया।
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बाजार सूत्रों ने कहा कि वैश्विक स्तर पर हल्के तेलों की मांग बढ़ी है तथा उक्रेन में सूरजमुखी का उत्पादन कम होने से सोयाबीन डीगम की मांग विश्व स्तर पर बढ़ी है। लगभग छह माह पूर्व जिस सूरजमुखी तेल का भाव सोयाबीन डीगम तेल के लगभग बराबर होता था, वह अब करीब 150 डॉलर प्रति टन (यानी 15 रुपये किलो) ऊंचा हो गया है। इसकी वजह इसका उत्पादन प्रभावित होना है। वैश्विक स्तर पर सोयाबीन दाना की भी मांग बढ़ी है और इसका स्टॉक भी कम है जिसके कारण सोयाबीन दाना सहित इसके तेल कीमतों में पर्याप्त सुधार आया।
आयात में आयात शुल्क मूल्य जोड़ने के बाद सूरजमुखी तेल का भाव 1,180 डॉलर पड़ता है जबकि सोयाबीन डीगम का भाव 1,030 डॉलर बैठता है। लेकिन कर्नाटक और महाराष्ट्र में सूरजमुखी न्यूनतम समर्थन मूल्य से लगभग 15 प्रतिशत नीचे बिक रह है जिस पर सरकार को ध्यान देना होगा।
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हरियाणा में नाफेड ने 26,000 टन सरसों बिक्री के लिए लगाई गई सारी बोलियों को निरस्त कर दिया है। उन्होंने कहा कि अभी सरसों के नई फसल के आने में तीन चार माह की देर है और जनवरी फरवरी की मांग कहां से पूरी होगी? इन संस्थाओं को सरसों के बचे स्टॉक को संभल कर बेचने की ओर ध्यान देना होगा।
सूत्रों ने खाद्य तेलों के वायदा कारोबार के समुचित नियंत्रण की मांग करते हुए कहा कि इस बात की ओर भी ध्यान देना होगा कि जयपुर की हाजिर मंडी में सरसों का भाव 6,350 रुपये क्विन्टल है जबकि वायदा कारोबार में भाव 6,125 रुपये क्विन्टल का है। वायदा कारोबार में सरसों के लिए हाजिर भाव से काफी कम कीमत की बोली लगाया जाना आशंकाजनक है। उन्होंने कहा कि सरसों की बिक्री की ऐसी क्या जल्दबाजी हो सकती है जबकि अगली फसल आने में तीन चार माह की देर है।
शिकागो एक्सचेंज में 3-4 प्रतिशत की तेजी तथा वैश्विक स्तर पर हल्के तेलों की मांग बढ़ने के कारण सोयाबीन तेल कीमतों में सुधार आया। सोयाबीन दिल्ली, इंदौर और सोयाबीन डीगम के भाव क्रमश: 100 रुपये, 50 रुपये और 160 रुपये का सुधार प्रदर्शित करते बंद हुए।
सामान्य कारोबार के बीच सरसों तेल तिलहन के भाव में मामूली सुधार का रुख देखने को मिला। दूसरी ओर त्यौहारी मांग खत्म होने और महंगा होने की वजह से लिवाली घटने के कारण मूंगफली दाना सहित इसके तेलों के भाव भी पूर्वस्तर पर बंद हुए।
तेल-तिलहन बाजार में थोक भाव इस प्रकार रहे- (भाव- रुपये प्रति क्विंटल)
सरसों तिलहन - 6,260 - 6,310 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये।
मूंगफली दाना - 5,400- 5,450 रुपये।
मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात)- 13,500 रुपये।
मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 2,095 - 2,155 रुपये प्रति टिन।
सरसों तेल दादरी- 12,450 रुपये प्रति क्विंटल।
सरसों पक्की घानी- 1,875 - 2,025 रुपये प्रति टिन।
सरसों कच्ची घानी- 1,995 - 2,105 रुपये प्रति टिन।
तिल मिल डिलिवरी तेल- 11,000 - 15,000 रुपये।
सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 11,500 रुपये।
सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 11,150 रुपये।
सोयाबीन तेल डीगम- 10,500 रुपये।
सीपीओ एक्स-कांडला- 9,400 रुपये।
बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 10,000 रुपये।
पामोलीन आरबीडी दिल्ली- 10,800 रुपये।
पामोलीन कांडला- 9,900 रुपये (बिना जीएसटी के)।
सोयाबीन तिलहन मिल डिलिवरी भाव 4,475 - 4,525 लूज में 4,310 -- 4,340 रुपये।
मक्का खल (सरिस्का) - 3,500 रुपये।
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