जरुरी जानकारी | विदेशों में सोयाबीन डीगम, सीपीओ के दाम बढ़ने से इनकी कीमतों में सुधार
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. सरकार की ओर से पॉम तेल पर आयात शुल्क घटाये जाने के बाद विदेशों में उसी अनुपात में दाम बढ़ा दिये गये। इससे स्थानीय तेल तिलहन बाजार में पाम तेल कीमतों में सुधार रहा। विदेशों में हल्के तेल की मांग बढ़ने के कारण सोयाबीन डीगम का भाव भी कुछ ऊंचा बोला गया।
नयी दिल्ली, चार दिसंबर सरकार की ओर से पॉम तेल पर आयात शुल्क घटाये जाने के बाद विदेशों में उसी अनुपात में दाम बढ़ा दिये गये। इससे स्थानीय तेल तिलहन बाजार में पाम तेल कीमतों में सुधार रहा। विदेशों में हल्के तेल की मांग बढ़ने के कारण सोयाबीन डीगम का भाव भी कुछ ऊंचा बोला गया।
बाजार सूत्रों ने कहा कि सरकार ने कच्चे पॉम तेल पर आयात शुलक में 10 प्रतिशत कटौती की लेकिन भाव कम होने के बजाय बढ़ गये हैं। इसकी वजह निर्यातक देशों ने यहां शुल्क घटने के साथ ही अपनी तरफ निर्यात शुल्क बढ़ा दिया। परिणामस्वरूप आयातकों को कोई लाभ नहीं मिला।
यह भी पढ़े | Mika Singh ने कंगना रनौत की देश भक्ति पर उठाया सवाल, कहा-आप एक्टिंग करो ना यार.
उन्होंने कहा कि मलेशिया एक्सचेंज में 3.5 प्रतिशत की तेजी के कारण भी कच्चा पॉम तेल (सीपीओ) में सुधार रहा। कल रात और शुक्रवार को मिलाकर शिकागो एक्सचेंज में भी लगभग चार प्रतिशत की तेजी है जिससे सोयाबीन डीगम के भाव बढ़ने को मदद मिली। इसके अलावा विदेशों में हल्के तेलों की मांग से भी डीगम तेल में सुधार आया।
सूत्रों ने कहा कि मौजूदा स्थिति यह है कि आयात लागत ऊंची बैठती है जबकि वायदा कारोबार में भाव नीचे बाला जा रहा है। देश में 12 लाख टन सीपीओ और सोयाबीन डीगम का आयात होता है। ऐसे में आयातकों को वायदा कारोबार में ही सस्ते में खरीद करनी चाहिये। इससे देश की विदेशीमुद्रा भी बचेगी।
यह भी पढ़े | 7th Pay Commission: यहां लाखों कर्मचारियों को मिला नए साल का तोहफा, 1 जनवरी 2021 से मिलेगा फायदा.
सहकारी संस्था हाफेड ने सरसों बिक्री के लिए सभी कम बोलियों को शुक्रवार को निरस्त कर दिया। जयवुर मंडी में सरसों का भाव 6,100 रुपये क्विन्टल जबकि जयपुर के ही वायदा एक्सचेंज में इसका भाव 5,815 रुपये के इर्द गिर्द है।
जानकारों का कहना है कि हाफेड की तरह नैफेड को भी कम भाव पर सरसों की बिक्री नहीं करनी चाहिये। स्टॉक उपलब्धता और आगामी मांग को ध्यान में रखना चाहिये।
तेल-तिलहन बाजार में थोक भाव इस प्रकार रहे- (भाव- रुपये प्रति क्विंटल)
सरसों तिलहन - 6,225 - 6,275 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये।
मूंगफली दाना - 5,385- 5,435 रुपये।
मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात)- 13,500 रुपये।
मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 2,100 - 2,160 रुपये प्रति टिन।
सरसों तेल दादरी- 12,300 रुपये प्रति क्विंटल।
सरसों पक्की घानी- 1,880 - 2,030 रुपये प्रति टिन।
सरसों कच्ची घानी- 2,000 - 2,110 रुपये प्रति टिन।
तिल मिल डिलिवरी तेल- 11,000 - 15,000 रुपये।
सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 11,500 रुपये।
सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 11,200 रुपये।
सोयाबीन तेल डीगम- 10,300 रुपये।
सीपीओ एक्स-कांडला- 8,950 रुपये।
बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 10,050 रुपये।
पामोलीन आरबीडी दिल्ली- 10,350 रुपये।
पामोलीन कांडला- 9,550 रुपये (बिना जीएसटी के)।
सोयाबीन तिलहन मिल डिलिवरी भाव 4,550 - 4,600 लूज में 4,385 -- 4,415 रुपये।
मक्का खल (सरिस्का) - 3,500 रुपये।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)
(The above story first appeared on LatestLY on Dec 04, 2020 11:02 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

