देश की खबरें | दक्षिण अफ्रीका एस्ट्राजेनेका टीके के उपयोग को रोके जाने के बाद नये विकल्प पर कर रहा विचार

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. गौरतलब है कि एस्ट्राजेनेका के टीकों को लगाने के बाद शुरूआती आंकड़ों से यह संकेत मिला था कि यह टीका देश में सामने आए वायरस के नये स्वरूप के खिलाफ बहुत कम कारगर है।

गौरतलब है कि एस्ट्राजेनेका के टीकों को लगाने के बाद शुरूआती आंकड़ों से यह संकेत मिला था कि यह टीका देश में सामने आए वायरस के नये स्वरूप के खिलाफ बहुत कम कारगर है।

टीकाकरण के लिए सोमवार को जिन विकल्पों पर विचार किया गया, उनमें एस्ट्रोजेनेका के टीके को अन्य टीके के साथ मिला कर देना या जॉनसन ऐंड जॉनसन का टीका एक लाख स्वास्थ्य कर्मियों को लगाना शामिल है, हालांकि उसे कहीं भी इस्तेमाल के लिए अभी अनुमति नहीं मिली है।

जॉनसन ऐंड जॉनसन के टीके के परीक्षण के शुरूआती परिणामों में यह पता चला है कि यह दक्षिण अफ्रीका में मध्यम से गंभीर श्रेणी के कोविड-19 की रोकथाम करने में 57 प्रतिशत कारगर है।

दक्षिण अफ्रीका मेडिकल रिसर्च काउंसिल की निदेशक डॉ ग्लेंडा ग्रे ने कहा, ‘‘हम इंतजार नहीं कर सकते। हमारे पास बेहतर परिणामों को प्रदर्शित कर रहे स्थानीय आंकड़े हैं।’’ उन्होंने जोर देते हुए कहा कि क्लीनिकल परीक्षणों से यह प्रदर्शित हुआ है कि जॉनसन ऐंड जॉनसन का टीका सुरक्षित है।

ऐसा लगता है कि दक्षिण अफ्रीका उनकी अपील पर ध्यान देने वाला है। उन्होंने कहा कि देश इस टीके का इस्तेमाल शुरू करने के लिए तत्काल योजना बना रहा है।

दक्षिण अफ्रीका की टीकाकरण रणनीति की वैश्विक स्तर पर निगरानी की जा रही है क्योंकि यहां पता चले वायरस का स्वरूप 30 से अधिक देशों में फैल गया है। अधिकारियों के मुताबिक वायरस का यह स्वरूप कहीं अधिक घातक है।

दक्षिण अफ्रीकी विशेषज्ञ वायरस के इस स्वरूप बी. 1. 351 पर क्लीनिकल परीक्षण कर रहे हैं। यहां यह तेजी से फैला है और संक्रमण के 90 प्रतिशत से अधिक मामलों के लिए जिम्मेदार है।

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