सोरेन ने रेलवे मंत्रसनश् पर लगाया गलत जानकारी देने का आरोप
एक सरकारी विज्ञप्ति में बताया गया है कि सोरेन ने गोयल से कहा कि रेल मंत्रालय द्वारा उन तक सही जानकारी नहीं पहुँचायी गयी। झारखण्ड सरकार ने अब तक 110 ट्रेनों के लिए ‘‘अनापत्ति’’ दी दी है तथा 50 ट्रेनों में लगभग 60 हजार से ज्यादा श्रमिक घर लौट चुके हैं।
रांची, 15 मई झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शुक्रवार को रेलवे मंत्रालय को कटघरे में खड़ा करते हुए आरोप लगाया कि उसने रेल मंत्री पीयूष गोयल को सही जानकारी नहीं दी है क्योंकि राज्य सरकार ने अधिक ट्रेनों की मांग की थी जबकि उसे अब तक सिर्फ पचास ट्रेनें ही प्रवासी श्रमिकों के लिए मिली हैं।
एक सरकारी विज्ञप्ति में बताया गया है कि सोरेन ने गोयल से कहा कि रेल मंत्रालय द्वारा उन तक सही जानकारी नहीं पहुँचायी गयी। झारखण्ड सरकार ने अब तक 110 ट्रेनों के लिए ‘‘अनापत्ति’’ दी दी है तथा 50 ट्रेनों में लगभग 60 हजार से ज्यादा श्रमिक घर लौट चुके हैं।
विज्ञप्ति के अनुसार मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘झारखण्ड ने देश में सबसे पहले ट्रेन चलाने का आग्रह किया था। अब पुनः आपसे झारखण्ड के लिए अधिक से अधिक ट्रेन चलाने का अनुरोध करता हूं। अभी प्रतिदिन चार से छह ट्रेनें झारखण्ड आ रही हैं जो
राज्य के लगभग सात लाख श्रमिकों को वापस लाने हेतु पर्याप्त नहीं हैं। आशा है कि आप इस मुद्दे पर ध्यान देते हुए राज्यवासियों की सहायता करेंगे।’’
इससे पूर्व एक ट्वीट में सोरेन ने कहािक
दूसरे राज्यों में फंसे श्रमिकों को लाने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इसके लिए हवाई जहाज का भी इस्तेमाल किया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘राज्य के प्रवासियों को वापस लाने के लिए सभी जरूरी संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रवासी श्रमिकों को लाने के लिए हवाई जहाज का भी इस्तेमाल किया जाएगा जिसके लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय से अनुमति मांगी गई है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘विशेष ट्रेनों और बसों से प्रवासी श्रमिको, विद्यार्थियों और अन्य लोगों को वापस लाने का सिलसिला लगातार जारी है और यह प्रक्रिया तब तक चलेगी जब तक सभी प्रवासी श्रमिक सुरक्षित घर नहीं आ जाते हैं।’’
हेमंत ने कहा कि राज्य के मुख्य सचिव ने 12 मई को गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर दो विशेष विमानों से अंडमान निकोबार से 319 प्रवासियों को वापस लाने की अनुमति मांगी थी लेकिन अब तक इसकी अनुमति नहीं मिली है।’’
शुक्रवार को रेलवे मंत्रालय ने एक विज्ञप्ति में बताया कि चौदह दिनों के भीतर रेलवे तीन ट्रेनों से बढ़कर प्रति दिन 145 ट्रेनें चला रहा है और
दो लाख से अधिक प्रवासियों को उनके राज्यों में पहुंचा रहा है। अब रेलवे प्रति दिन तीन सौ विशेष श्रमिक ट्रेनें चलाकर चार लाख से अधिक प्रवासियों
को उनके राज्यों में पहुंचाने को तैयार है लेकिन इसके लिए राज्यों से अनुरोध आने चाहिए।
इन्दु
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(The above story first appeared on LatestLY on May 15, 2020 11:41 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

