देश की खबरें | पीएसआई भर्ती घोटाला के आरोपी की रिहाई में कर्नाटक सरकार के भीतर का कोई शामिल: कांग्रेस
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कांग्रेस ने सोमवार को दावा किया कि कर्नाटक के मंत्री ने कथित पुलिस उपनिरीक्षक भर्ती घोटाले की जांच कर रहे अपराध अन्वेषण विभाग (सीआईडी) को ‘‘प्रभावित’’किया जिसकी वजह से मामले का आरोपी रिहा हुआ।
बेंगलुरु, दो मई कांग्रेस ने सोमवार को दावा किया कि कर्नाटक के मंत्री ने कथित पुलिस उपनिरीक्षक भर्ती घोटाले की जांच कर रहे अपराध अन्वेषण विभाग (सीआईडी) को ‘‘प्रभावित’’किया जिसकी वजह से मामले का आरोपी रिहा हुआ।
पुलिस उप निरीक्षक भर्ती में कथित घोटाले का खुलासा हाल में हुआ था। कांग्रेस की राज्य इकाई के अध्यक्ष डी के शिवकुमार ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ‘‘ मेरे पास निश्चित जानकारी नहीं है लेकिन कोई है, या तो वह गृहमंत्री हैं या अन्य मंत्री जिसने सीआईडी अधिकारियों को आरोपी को रिहा करने और उसके खिलाफ आगे की जांच नहीं करने के निर्देश दिये।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री का छोटा भाई या रिश्तेदार भी भर्ती घोटाले में शामिल हैं। शिवकुमार ने दावा किया कि परीक्षा केवल संदिग्ध तत्वों को बचाने के लिए रद्द की गई।
कांग्रेस के नेता ने मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई से प्रभावशली को ‘‘नहीं बचाने की ’’ अपील करते हुए चुनौती दी कि वह ‘‘ शक्ति और राजनीतिक संबंध को’’दरकिनार कर, मामले में शामिल व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करने की अपनी प्रतिबद्धता और संकल्प का प्रदर्शन करें।
शिवकुमार द्वारा कर्नाटक के आईटी-बीटी और उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. सीएन अश्वथ नारायण की कथित संलिप्तता की ओर इशारा किए जाने के बाद मंत्री ने पलटवार करते हुए कहा कि उनके द्वारा किसी की अनुशंसा करने या किसी की मदद करने का सवाल ही नहीं उठता।
रामनगरा जिले के प्रभारी मंत्री नारायण ने आरोप लगाया कि शिवकुमार के आरोपों में स्पष्टता की कमी है और केवल उनकी छवि को धूमिल करने की कोशिश की गई है।
इस बीच, पुलिस उपनिरीक्षक (पीएसआई) परीक्षा के प्रत्याशियों ने यहां के फ्रीडम पार्क में प्रदर्शन किया और पद स्थापना आदेश जारी करने की मांग की।
गौरतलब है कि 545 पीएसआई पदों के लिए पिछले साल अक्टूबर में परीक्षा आयोजित की गई थी जिसमें हुई कथित अनियमितता का आरोप कई अधिकारियों पर भी लगा है। इस मामले में अबतक 30 लोगों को गिरफ्तार किया गया जबकि 10 आरोपी अब भी फरार हैं।
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