देश की खबरें | कुछ लोग ‘भ्रम और भय’ का व्यापार करके सरकार चला रहे हैं : सोनिया
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

पटना, दो अक्तूबर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शुक्रवार को कहा कि कुछ लोग ‘भावना, भ्रम और भय’ का व्यापार करके सरकार चला रहे हैं और जनता को इनसे सावधान रहने और सही निर्णय लेने की जरूरत है।

‘गांधी चेतना रैली’ को डिजिटल माध्यम से संबोधित करते हुए सोनिया गांधी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के लिये महात्मा गांधी के आदर्श पार्टी की आत्मा हैं और पार्टी की कार्यशैली इन्हीं आदर्शो पर आधारित है।

यह भी पढ़े | Hathras Gangrape Case: हाथरस मामले में योगी सरकार के बचाव में उतरे केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, घटना को बताया दुर्भाग्यपूर्ण.

भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘ आज कुछ लोग गांधी जी का नाम जोर-शोर से तो लेते हैं, लेकिन अपनी करनी से उन्होंने उनके उसूलों और आदर्शों को चूर-चूर कर दिया है। आप खुद देखिए चारों तरफ हिंसा, चारों तरफ अराजकता, अत्याचार, दुराचार, जानबूझ कर समाज में भेदभाव का माहौल बनाया जा रहा है और बेगुनाहों पर ज़ुल्म किए जा रहे

हैं। ’’

यह भी पढ़े | Hathras Case: सीएम योगी आदित्यनाथ की चेतावनी- यूपी में महिलाओं के सम्मान और स्वाभिमान को क्षति पहुंचाने का जो विचार भी रखेगा, उसका समूल नाश सुनिश्चित.

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘‘ अब बहुत हो गया। मैं इतना कहना चाहती हूं कि कुछ लोग ‘भावना, भ्रम और भय’ का व्यापार करके सरकार चला रहे हैं, आप इन सबसे सावधान रहे और सही निर्णय लें। ’’

उन्होंने कहा कि हम सभी को एकजुट होकर लड़ना है और यही महात्मा गांधी को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। कांग्रेस पार्टी लगातार संघर्ष करेगी और सभी के सहयोग से सफलता पायेगी।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के लिए तो महात्मा गांधी जी के विचार पार्टी की आत्मा हैं। गांधीजी के लिए प्रगति का अर्थ मनुष्य का समग्र विकास था। उनके लिए राष्ट्र के विकास का मतलब देश के सबसे गरीब व्यक्ति के विकास से था, न कि चंद लोगों के विकास से।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस पार्टी की हर कार्य योजना देश की जनता को ध्यान में रखकर बनती है, ना कि चंद लोगों के लिए। लेकिन जब भी कांग्रेस गरीबों के उत्थान के लिए कार्य करती है, तो कुछ शक्तियां अपने निजी स्वार्थ में उनके विरोध में खड़ी हो जाती हैं।

सोनिया गांधी ने सवाल किया कि जब कांग्रेस देश के ग्रामीण क्षेत्र में बेरोजगारी को दूर करने के लिए मनरेगा लाई, तो उसका किसने विरोध किया ? , किसने उसका मजाक उड़ाया?

उन्होंने कहा, ‘‘ अगर आज मनरेगा जैसी योजना नहीं होती, तो इस कोरोना महामारी के दौरान करोडों लोग भुखमरी के शिकार हो गए होते।’’

केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि आज युवाओं का रोजगार छीना जा रहा है, लाखों की संख्या में कुटीर उद्योग बंद हो रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘ सबसे अधिक रोजगार देने वाले उद्यमों का निजीकरण किया जा रहा है।’’

उन्होंने कहा कि कांग्रेस के समय में शासन में पारदर्शिता लाने के लिये लाये गये सूचना के अधिकार कानून को कमजोर किया गया है।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘‘आज सवाल पूछने पर जवाब नहीं मिलता है।’’

केंद्र सरकार पर प्रहार जारी रखते हुए सोनिया गांधी ने कहा कि यूपीए सरकार द्वारा बनाए गए कानून- चाहे वह रोजगार से जुड़ा हो, स्वास्थ्य या शिक्षा से जुड़ा हो, किसानों से जुड़ा हो, खाद्य से जुड़ा हो, महिलाओं की सुरक्षा या सशक्तिकरण से जुड़ा हो, कामगारों-गरीबों से जुड़़ा हो, उन सभी कानूनों को मौजूदा मोदी सरकार ने कमजोर कर दिया जिससे आम नागरिकों के हितों पर प्रहार हुआ है, उनके अधिकारों को छीना जा रहा है।

उन्होंने कहा कि गांधी जी की प्रतिमा के अनावरण के इस पावन अवसर पर वह सभी समुदायों और वर्गों के उन स्वतंत्रता सेनानियों को भी स्मरण और नमन करती हैं जिन्होंने चंपारण आंदोलन में गांधी जी को अपना पूर्ण सहयोग और समर्थन दिया।

उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर उन्हें भी श्रद्धांजलि अर्पित की ।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)