देश की खबरें | उच्चतम न्यायालय में सॉलिसीटर जनरल की दलीलें हमारे रुख की पुष्टि करती हैं: महबूबा
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श्रीनगर, 29 अगस्त पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने मंगलवार को कहा कि अनुच्छेद 370 निरस्त किए जाने को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर उच्चतम न्यायालय में सुनवाई के दौरान सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता की दलीलें उनकी पार्टी के इस रुख की पुष्टि करती हैं कि जम्मू-कश्मीर में स्थिति सामान्य से कोसों दूर है।
सॉलिसीटर जनरल मेहता ने मंगलवार को प्रधान न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पांच-न्यायाधीशों की संविधान पीठ को सूचित किया कि जम्मू-कश्मीर का केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा "स्थायी" नहीं है और केंद्र सरकार इस जटिल राजनीतिक मुद्दे पर 31 अगस्त को अदालत में विस्तृत बयान दाखिल करेगी।
पीठ मेहता की दलीलों पर सुनवाई कर रही थी, जिन्होंने जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा खत्म करने और इसके पुनर्गठन के केंद्र सरकार के फैसले का बचाव किया।
मुफ्ती ने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, "भारत सरकार के बड़े-बड़े दावों के बावजूद, आज उच्चतम न्यायालय के समक्ष सॉलिसीटर जनरल का बयान हमारे इस रुख की पुष्टि करता है कि जम्मू-कश्मीर में स्थिति सामान्य से बहुत दूर है।"
उन्होंने लिखा, ““इस असामान्य लगने वाली सामान्य स्थिति को हासिल करने के लिए भी, जम्मू-कश्मीर को एक खुली जेल में तब्दील कर दिया गया। तुषार मेहता भारत सरकार की संवैधानिक हेराफेरी का बचाव करने के बहाने के रूप में अब हमारे तर्क का इस्तेमाल कर रहे हैं।''”
नेशनल कांफ्रेंस के नेता और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी मेहता के तर्क को "ध्यान भटकाने वाला" बताया।
उन्होंने कहा, “सॉलिसीटर एक बहुत ही सक्षम और चतुर मुकदमेबाज हैं। वह दलीलों को केंद्र सरकार के 'सामान्य स्थिति' के दृष्टिकोण पर केंद्रित करने की कोशिश कर रहे हैं। यह एक जाल है जिससे बचना ही बेहतर है।''
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