तिरुवनंतपुरम, 17 जुलाई केरल में संख्यात्मक रूप से मजबूत हिंदू एझावा समुदाय के एक संगठन ‘एसएनडीपी योगम’ ने देश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने का समर्थन किया है।
हालांकि, प्रसिद्ध समाज सुधारक और संत श्रीनारायण गुरु द्वारा स्थापित ‘एसएनडीपी योगम’ ने नया कानून बनाने से पहले अल्पसंख्यक समुदायों के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा का सुझाव दिया।
संगठन के मुखपत्र 'योगानदम' के नवीनतम अंक में एक संपादकीय में इसके महासचिव वेल्लापल्ली नटेसन ने कहा कि यदि यूसीसी लागू होता है, तो विवाह, तलाक और संपत्ति के अधिकार जैसे मामलों में मुस्लिम महिलाओं के खिलाफ भेदभाव समाप्त हो जाएगा।
संगठन के नेताओं को मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के बहुत करीब माना जाता है, ऐसे में यूसीसी को लेकर इसके रुख को राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी के लिए एक झटके के रूप में देखा जा रहा है।
संगठन ने अपना रुख ऐसे समय में स्पष्ट किया है जब सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) केंद्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली सरकार की यूसीसी योजना का विरोध करने के लिए राज्य में विभिन्न सामाजिक-धार्मिक संगठनों का एक मजबूत मंच बनाने की कोशिश कर रही है।
संपादकीय में कहा गया है, “यदि समान नागरिक संहिता लागू होती है, तो न्यायिक प्रणाली अधिक कुशल हो जाएगी। देश भर में व्यक्तिगत कानूनों के आधार पर होने वाले सैकड़ों-हजारों मामले समाप्त हो जाएंगे। मुकदमेबाजी सरल हो जाएगी। भेदभावपूर्ण कानूनी प्रणालियां समाप्त हो जाएंगी। जटिल पर्सनल लॉ के पचड़े में फंसकर न्याय के लिए वर्षों तक इंतजार करने की जरूरत नहीं होगी।
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