एजेंसी न्यूज

विदेश की खबरें | स्मार्टवाच के आंकड़े दिखाते हैं कोविड का एहतियाती टीका सुरक्षित : अध्ययन

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. प्रसिद्ध पत्रिका ‘द लांसेट रेस्पिरेटरी मेडिसिन’ में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार कोविड-19 रोधी टीके की एहतियाती (बूस्टर) खुराक सुरक्षित है। अध्ययन में स्मार्टवॉच के माध्यम से हृदय की गतिविधियों की निगरानी की गई।

विदेश की खबरें | स्मार्टवाच के आंकड़े दिखाते हैं कोविड का एहतियाती टीका सुरक्षित : अध्ययन
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

यरुशलम, 29 दिसंबर प्रसिद्ध पत्रिका ‘द लांसेट रेस्पिरेटरी मेडिसिन’ में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार कोविड-19 रोधी टीके की एहतियाती (बूस्टर) खुराक सुरक्षित है। अध्ययन में स्मार्टवॉच के माध्यम से हृदय की गतिविधियों की निगरानी की गई।

तेल अवीव विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने करीब 5,000 इजरायलियों को स्मार्टवॉच दी और दो वर्षों में उनके शारीरिक मापदंडों की निगरानी की।

जिन लोगों की निगरानी की गई, उनमें से 2,038 को कोविड-19 टीके की एहतियाती खुराक दी गई थी। इससे शोधकर्ताओं को प्रतिभागियों की, टीका लेने से पहले और बाद में तुलना करने और टीके की सुरक्षा की पुष्टि करने का मौका मिला।

टीम ने मैकाबी हेल्थ सर्विसेज के ढाई लाख सदस्यों की चिकित्सा फाइलों का विश्लेषण कर ऐहतियाती खुराक की सुरक्षा की भी जांच की।

उन्होंने तीन दृष्टिकोणों से टीकों की सुरक्षा का मूल्यांकन किया: व्यक्तिपरक - प्रतिभागी क्या बताता है, वस्तुनिष्ठ - घड़ी क्या पता लगाती है, और नैदानिक रूप से - डॉक्टर क्या पता लगाते हैं।

तेल अवीव विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डेन यामिन ने कहा, “स्मार्टवॉच का उपयोग हृदय गति, हृदय गतिविधि में भिन्नता, नींद की गुणवत्ता, दैनिक कदमों की संख्या और अन्य जैसे कई मानकों की निगरानी के लिए किया गया था।”

यामिन ने कहा, “हमने टीके दिए जाने के बाद स्पष्ट और महत्वपूर्ण परिवर्तन देखे, जैसे कि टीकाकरण से पहले मापी गई नाड़ी दर की तुलना में हृदय गति में वृद्धि, और फिर हमने प्रतिभागी की आधार रेखा पर वापसी देखी, यानी टीकाकरण के बाद नाड़ी का स्तर छह दिनों बाद उनके पिछले स्तर पर लौट आया। इसलिए, हमारा अध्ययन टीके की सुरक्षा की पुष्टि करता है।”

शोधकर्ताओं ने कहा कि सबसे आश्चर्यजनक जानकारी यह रही कि जिन लोगों की वे निगरानी कर रहे थे, उनकी तुलना में घड़ियां अधिक संवेदनशील थीं। उन्होंने कहा कि कई प्रतिभागियों ने टीका लगवाने के बाद थकान, सिरदर्द आदि की शिकायत की और दो या तीन दिनों के बाद बताया कि वे सामान्य और अच्छा महसूस कर रहे हैं।

यामिन ने कहा, “इसके विपरीत, उनकी घड़ियों की जांच करने से हमने हृदय गति में अलग-अलग बदलाव देखे जो कई और दिनों तक जारी रहे।”

उन्होंने कहा, “ऐसे प्रतिभागी भी थे जिन्हें टीके लगाए गए थे, जिन्होंने किसी भी दुष्प्रभाव की जानकारी नहीं दी, फिर भी अपनी स्मार्टवॉच के आंकड़ों के आधार पर निश्चित रूप से शारीरिक परिवर्तन का अनुभव किया। दूसरे शब्दों में, हमने सीखा कि स्मार्टवॉच स्वयं प्रतिभागियों की तुलना में सामान्य भावनाओं में बदलाव के प्रति अधिक संवेदनशील थीं।”

चिकित्सा साहित्य में, कोविड टीके की वजह से 25 असामान्य दुष्प्रभावों की सूचना दी गई थी और शोधकर्ताओं ने हृदय की मांसपेशियों (मायोकार्डिटिस) और पेरिकार्डिटिस की सूजन के दुर्लभ मामलों पर गौर करने पर विशेष ध्यान दिया।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

(The above story first appeared on LatestLY on Dec 29, 2022 06:24 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).