जरुरी जानकारी | छोटे उद्यम सरकारी अनुबंधों में जब्त जमा राशि की वापसी के लिये 30 जून तक कर सकेंगे आवेदन

नयी दिल्ली, दो मई वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) को राहत दी। इसके तहत छोटे उद्यमों को कोविड-19 अवधि के दौरान अनुबंध पूरा नहीं होने के मामले में सरकारी विभागों तथा सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों द्वारा जब्त प्रदर्शन या बोली सुरक्षा को वापस लेने के लिये आवेदन जमा करने को लेकर 30 जून तक का समय दिया गया है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2023-24 के बजट में विवाद से विश्वास-1 की घोषणा की थी। इसके तहत कोविड के दौरान अनुबंध का क्रियान्वयन करने में विफल रहने की स्थिति में बोली या प्रदर्शन सुरक्षा से संबंधित 95 प्रतिशत जब्त राशि एमएसएमई को लौटाने का प्रावधान किया गया है।

वित्त मंत्रालय ने बयान में कहा, ‘‘योजना 17 अप्रैल, 2023 से शुरू होगी और दावा जमा करने की अंतिम तिथि 30 जून, 2023 है।’’

योजना के तहत मंत्रालयों को कोविड-19 महामारी के दौरान जब्त प्रदर्शन सुरक्षा, बोली सुरक्षा और नुकसान के एवज में काटी गयी राशि का 95 प्रतिशत वापस करने के लिए कहा गया है। कोविड-19 की अवधि के दौरान अनुबंधों के निष्पादन में चूक के लिये भी प्रतिबंधित एमएसएमई को 31 मार्च, 2022 तक कुछ राहत प्रदान की गई है।

एमएसएमई मंत्रालय के साथ सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्यमों के रूप में पंजीकृत वे सभी ठेकेदार या आपूर्तिकर्ता अनुबंधों के लिए जब्त की गई राशि की वापसी का दावा करने के पात्र होंगे, जिनकी मूल डिलिवरी या अनुबंध समापन अवधि 19 फरवरी, 2020 से 31 मार्च, 2022 थी।

मंत्रालय ने कहा कि सरकारी ई-मार्केट प्लेस (जीईएम) ने योजना के क्रियान्वयन के लिये अलग से ‘वेब पेज’ तैयार किया है। पात्र दावों का प्रसंस्करण केवल जीईएम के जरिये होगा।

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