देश की खबरें | बम धमकियों से निपटने के लिये छोटे बम निरोधक दस्ते का गठन किया जा सकता हैं: पुलिस ने अदालत से कहा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राष्ट्रीय राजधानी की पुलिस ने दिल्ली उच्च न्यायालय को बताया है कि आपातकालीन स्थिति में अधिक इकाइयों की आवश्यकता को पूरा करने के लिए पांच बम निरोधक दस्तों (बीडीएस) और 18 बम जांच दलों (बीडीटी) की मौजूदा संख्या में से छोटी टीमें गठित की जा सकती हैं।

नयी दिल्ली, 16 जून राष्ट्रीय राजधानी की पुलिस ने दिल्ली उच्च न्यायालय को बताया है कि आपातकालीन स्थिति में अधिक इकाइयों की आवश्यकता को पूरा करने के लिए पांच बम निरोधक दस्तों (बीडीएस) और 18 बम जांच दलों (बीडीटी) की मौजूदा संख्या में से छोटी टीमें गठित की जा सकती हैं।

दिल्ली पुलिस ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की 23 बीडीएस/बीडीटी इकाइयां भी तैनात हैं, जिन्हें गृह मंत्रालय की मंजूरी के बाद तैनात किया जा सकता है।

इसमें आगे कहा गया है कि बीडीएस/बीडीटी के पांच दस्तों को भी इस संबंध में प्रशिक्षित किया जाएगा, जिनमें प्रत्येक बैच में 15 कार्मिक होंगे।

पुलिस ने पहले कहा था कि यहां 4,600 से अधिक स्कूलों के लिए कुल पांच बीडीएस और 18 बीडीटी हैं। पुलिस का यह रुख यहां मथुरा रोड स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) में बम की झूठी धमकी के मद्देनजर पेशे से वकील अर्पित भार्गव द्वारा 2023 की याचिका में दायर एक अतिरिक्त हलफनामे में आया है।

पुलिस ने नवीनतम हलफनामे में कहा, “दिल्ली पुलिस के बेस स्टेशनों पर 18 बम जांच दल कार्यरत हैं, जिनका उद्देश्य प्रतिक्रिया समय को न्यूनतम करना तथा संबंधित जिले के भौगोलिक क्षेत्र का दायरा सुनिश्चित करना है।”

इसमें कहा गया, “दिल्ली पुलिस के बेस स्टेशनों पर वर्तमान में पांच बम निरोधक दस्ते कार्यरत हैं।”

हलफनामे में कहा गया, “आपातकालीन स्थिति में अधिक बीडीएस/बीडीटी टीमों की आवश्यकता को पूरा करने के लिए छोटी टीमें गठित करने का प्रावधान है।”

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