विदेश की खबरें | महिलाओं का यौन उत्पीड़न करने के आरोप पर स्लोवेनियाई पादरी निष्कासित
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

जेसुइट के आदेश में कहा गया है कि रेव मार्को इवान रुपनिक को नौ जून के आदेश के अनुपालन में बर्खास्त कर दिया गया है।

इसके बयान में कहा गया है कि रूपनिक के पास निष्कासन आदेश के खिलाफ अपील करने के लिए 30 दिन का समय है।

पाया गया कि 30 साल की अवधि में कई महिलाओं ने रूपनिक पर यौन उत्पीड़न समेत आध्यात्मिक और मनोवैज्ञानिक उत्पीड़न करने के आरोप लगाये हैं।

इस बीच, पोप फ्रांसिस ने दिवंगत पोप बेनेडिक्ट 16वें के लंबे समय तक सहयोगी रहे व्यक्ति को वेटिकन के कार्यभार से मुक्त कर दिया और उन्हें अपने देश जर्मनी लौटने का आदेश दिया।

बृहस्पतिवार को जारी एक बयान में कहा गया कि अस्पताल में सर्जरी के बाद रोग से उबर रहे फ्रांसिस ने जॉर्ज गेंसवेन को एक जुलाई तक अपने मूल देश लौटने को कहा है।

उल्लेखनीय है कि गेंसवेन ने बेनेडिक्ट की मृत्यु होने के बाद एक संस्मरण प्रकाशित किया था, जिसमें फ्रांसिस के बारे में कई खुलासे किये गये थे।

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