देश की खबरें | एसकेएम ने सरकार पर किसान नेताओं के पीछे पुलिस और जांच एजेंसियों को लगाने का आरोप लगाया
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नयी दिल्ली, दो दिसंबर संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने शनिवार को आरोप लगाया कि केंद्र ने किसान नेताओं के पीछे दिल्ली पुलिस और जांच एजेंसियों को लगा दिया है, जबकि सरकार ने अब निरस्त किए जा चुके कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के संबंध में उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करने का लिखित आश्वासन दिया था।
संवाददाता सम्मेलन को यहां संबोधित करते हुए एसकेएम नेता राकेश टिकैत, दर्शन पाल और प्रेम सिंह गहलावत ने यह भी कहा कि किसानों के आंदोलन के खिलाफ किसी भी प्रतिशोध की कार्रवाई का जवाब बड़े पैमाने पर और शांतिपूर्ण जन संघर्ष के जरिये दिया जाएगा।
एक बयान में एसकेएम ने आरोप लगाया कि उसके नेता और भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के महासचिव युद्धवीर सिंह को 2020-21 के आंदोलन से संबंधित मामलों में शुक्रवार तड़के दिल्ली हवाई अड्डे पर गिरफ्तार किया गया था और उनकी उड़ान छूट गई। उन्हें कोलंबिया में एक अंतरराष्ट्रीय किसान सम्मेलन में भाग लेना था।
इसमें दावा किया गया, ‘‘उस दिन बाद में भारी विरोध के कारण... दिल्ली पुलिस को उन्हें रिहा करने के लिए मजबूर होना पड़ा।’’
एसकेएम किसान संगठनों का एक समूह है, जिसके नेतृत्व में 2020-21 में दिल्ली की सीमाओं पर अब निरस्त किये जा चुके केंद्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन हुआ था।
वक्तव्य में दावा किया गया है कि हरियाणा के रोहतक निवासी बीकेयू नेता वीरेंद्र सिंह हुड्डा को 22 नवंबर को दिल्ली पुलिस ने एक नोटिस दिया, जिसमें उन्हें एक मामले में पेश होने का निर्देश दिया गया था।
एसकेएम ने दावा किया कि बाद में दिल्ली पुलिस ने सार्वजनिक रूप से घोषणा की कि नोटिस वापस ले लिया गया है।
इसमें आरोप लगाया गया कि दिल्ली पुलिस और केंद्रीय जांच एजेंसियों ने कुछ अन्य किसान नेताओं के खिलाफ भी कार्रवाई की।
किसान नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार ने स्पष्ट रूप से लिखित रूप में कहा था कि उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश और हरियाणा की राज्य सरकारें किसानों के संघर्ष से संबंधित सभी मामलों को तुरंत वापस लेने के लिए पूरी तरह सहमत हैं।
एसकेएम ने कहा, ‘‘ एसकेएम और पूरे देश से संसद के जरिये किये गये लिखित वादे और आश्वासन के बावजूद एसकेएम को पता चला कि मोदी सरकार ने राष्ट्रीय अन्वेषण एजेंसी (एनआईए) को किसान नेताओं के पीछे लगा दिया है और एनआईए ने दिल्ली में किसानों के संघर्ष से संबंधित मामलों में एसकेएम नेताओं के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर (एलओसी) जारी किया है। एसकेएम ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से पारदर्शी होने और सभी एलओसी को सार्वजनिक करने की मांग करता है।’’
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