जरुरी जानकारी | एसजेवीएन ने उत्तराखंड में अपनी जलविद्युत परियोजना के पास पुल का उद्घाटन किया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. सरकारी बिजली उत्पादक कंपनी एसजेवीएन लिमिटेड ने शनिवार को कहा कि उत्तराखंड में टोंस नदी पर बने पुल का परिचालन शुरू हो जाने से इस क्षेत्र में बेहतर संपर्क सुविधा सुनिश्चित होगी तथा नैतवार मोरी जलविद्युत परियोजना को समर्थन मिलेगा।
नयी दिल्ली, नौ अप्रैल सरकारी बिजली उत्पादक कंपनी एसजेवीएन लिमिटेड ने शनिवार को कहा कि उत्तराखंड में टोंस नदी पर बने पुल का परिचालन शुरू हो जाने से इस क्षेत्र में बेहतर संपर्क सुविधा सुनिश्चित होगी तथा नैतवार मोरी जलविद्युत परियोजना को समर्थन मिलेगा।
एसजेवीएन के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक नंद लाल शर्मा ने दोहरे लेन वाले ‘स्टील ट्रस ब्रिज’ का उद्घाटन किया। लगभग तीन करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 70 मीटर लंबा और 6 मीटर चौड़ा यह पुल "बैनोल, नैतवार और मोरी गांवों के बीच बेहतर संपर्क सुविधा बहाल करेगा।’’
एसजेवीएन के बयान के मुताबिक, इस पुल से नैतवार मोरी पनबिजली परियोजना की गतिविधियों को भी समर्थन मिलेगा। 60 मेगावाट क्षमता की इस परियोजना के चालू वित्त वर्ष में पूरा होने की उम्मीद है। परियोजना स्थल से सुचारू विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए एसजेवीएन बैनोल से स्नेल तक एक पारेषण लाइन का भी निर्माण कर रहा है।
इस अवसर पर शर्मा ने कहा, "हम चालू वित्त वर्ष में परियोजना को चालू करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह हमारी क्षमता वृद्धि में मील का एक पत्थर होगा और वर्ष 2023 तक 5,000 मेगावाट स्थापित क्षमता, वर्ष 2030 तक 25,000 मेगावाट की क्षमता और वर्ष 2040 तक 50,000 मेगावाट स्थापित क्षमता हासिल करने के हमारे लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद करेगा।"
फिलहाल एसजेवीएन के पास 16,900 मेगावाट से अधिक का परिचालन है और यह भारत, नेपाल और भूटान में हाइड्रो, थर्मल और सोलर में कई परियोजनाओं को क्रियान्वित कर रहा है। कंपनी ने बिजली पारेषण और बिजली व्यापार खंड में भी कदम रखे हैं।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)