जरुरी जानकारी | एसजेवीएन को 30 मेगावॉट की पवन-सौर परियोजना का आर्डर मिला

नयी दिल्ली, छह मई सार्वजानिक क्षेत्र की एसजेवीएन लिमिटेड को 30 मेगावॉट क्षमता की पवन-सौर ऊर्जा हाइब्रिड परियोजना के लिए 195 करोड़ रुपये का आर्डर मिला है। कंपनी के लिये इस तरह की यह पहली परियोजना है।

हाइब्रिड परियोजना के तहत एक ही जगह पर सौर और पवन ऊर्जा परियोजनाएं लगायी जाती है।

एसजेवीएन ने शुक्रवार को शेयर बाजार को दी जानकारी में कहा, ‘‘सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेकी) की तरफ से जारी एक निविदा में कंपनी ने अपनी पहली 30 मेगावॉट की पवन-सौर ऊर्जा हाइब्रिड परियोजना की बोली जीती है।’’

कंपनी ने यह आर्डर बनाओ, अपनाओ और चलाओ के आधार पर 2.54 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली उपलब्ध कराने के लिए प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के जरिये हासिल किया है। इस परियोजना के निर्माण और विकास की संभावित लागत 195 करोड़ रुपये है।

एसजेवीएन के अनुसार इस परियोजना से पहले वर्ष 7.9 करोड़ यूनिट बिजली के उत्पादन की उम्मीद है। वहीं 25 वर्षों के दौरान इस परियोजना के जरिये 18.60 करोड़ यूनिट बिजली का उत्पादन किया जाएगा।

सार्वजानिक क्षेत्र की कंपनी ने कहा कि वह सेकी के साथ 25 साल के लिए बिजली खरीद समझौते (पीपीए) पर हस्ताक्षर करेगी।

यह परियोजना पीपीए पर हस्ताक्षर करने की तारीख से 18 महीने के भीतर चालू हो जाएगी और इससे 90,993 टन कार्बन उत्सर्जन को कम करने में मदद मिलेगी।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)