विदेश की खबरें | फ्रांस में छह गैर सरकारी संगठनों ने पुलिस अधिकारियों पर भेदभाव का आरोप लगाया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. संगठनों ने ‘क्लास-एक्शन’ की कार्रवाई शुरू की है। क्लास-एक्शन एक तरह का मुकदमा है जिसके अन्तर्गत विवाद समाधान की वे प्रक्रियाएं और तकनीकें आती हैं जो विवाद में उलझे पक्षों को बिना मुकदमे के ही विवाद का समाधान खोजने में सहायता करतीं हैं।

संगठनों ने ‘क्लास-एक्शन’ की कार्रवाई शुरू की है। क्लास-एक्शन एक तरह का मुकदमा है जिसके अन्तर्गत विवाद समाधान की वे प्रक्रियाएं और तकनीकें आती हैं जो विवाद में उलझे पक्षों को बिना मुकदमे के ही विवाद का समाधान खोजने में सहायता करतीं हैं।

ह्यूमन राइट्स वॉच और एमनेस्टी इंटरनेशनल सहित संगठनों का आरोप है कि फ्रांसीसी पुलिस पहचान जांच में नस्लीय भेदभाव करती है, काले लोगों और अरब मूल के लोगों को निशाना बनाती है।

वे प्रधानमंत्री जीन कैस्टेक्स और फ्रांस के आंतरिक और न्याय मंत्रियों को औपचारिक कानूनी नोटिस देकर उनसे कानून प्रवर्तन सुधारों का आग्रह कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने यह सुनिश्चित करने के वास्ते ठोस कदम उठाने की मांग भी की है कि नस्लीय आधार पर यह तय नहीं किया जाये कि पुलिस द्वारा किसे रोका जाना चाहिए।

इन संगठनों में ‘ओपन सोसाइटी जस्टिस इनीशिएटिव’ और तीन फ्रांसीसी समूह भी शामिल हैं। फ्रांसीसी पुलिस द्वारा कथित नस्लीय भेदभाव के मुद्दे पर वर्षों से बहस चल रही है।

वकीलों में से एक स्लिम बेन अचौर के अनुसार, दो चरणों की मुकदमा प्रक्रिया में नोटिस देना पहला कदम है। कानून फ्रांसीसी अधिकारियों को उनकी मांगों को पूरा करने के बारे में गैर सरकारी संगठनों से बात करने के वास्ते चार महीने का समय देता है। मुकदमा दायर कराने वाले पक्षकार यदि इन कदमों से असंतुष्ट रहते हैं तो मामला अदालत में जायेगा।

एपी

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