देश की खबरें | केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा के बेटे से एसआईटी ने की पूछताछ, किसान नेताओं ने गिरफ्तारी की मांग की
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा से शनिवार को उत्तर प्रदेश पुलिस के एक विशेष जांच दल (एसआईटी) ने तीन अक्टूबर को लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा के सिलसिले में पूछताछ की। उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को मामले में राज्य सरकार की कार्रवाई पर असंतोष व्यक्त किया था।
लखीमपुर खीरी/ नयी दिल्ली, नौ अक्टूबर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा से शनिवार को उत्तर प्रदेश पुलिस के एक विशेष जांच दल (एसआईटी) ने तीन अक्टूबर को लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा के सिलसिले में पूछताछ की। उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को मामले में राज्य सरकार की कार्रवाई पर असंतोष व्यक्त किया था।
आशीष मिश्रा पूर्वान्ह्र लगभग 11 बजे एसआईटी के समक्ष पेश हुए। आशीष को शुक्रवार को पुलिस ने दूसरा नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए शनिवार पूर्वान्ह्र 11 बजे तक पेश होने को कहा था।
वह शुक्रवार को लखीमपुर खीरी में पुलिस के सामने पेश नहीं हुए थे, इसलिए उनके घर के बाहर दूसरा नोटिस चस्पा किया गया था।
सूत्रों ने बताया कि पुलिस उप महानिरीक्षक (मुख्यालय) उपेंद्र अग्रवाल के नेतृत्व में एसआईटी की टीम ने पुलिस लाइन में अपराध शाखा में पूछताछ शाम पांच बजे के बाद भी जारी थी।
इस बीच, शाम को अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों को मौके पर तैनात कर दिया गया।
गौरतलब है कि रविवार को हुई हिंसा में मारे गए आठ लोगों में से चार किसान थे, जिन्हें कथित तौर पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कार्यकर्ताओं को ले जा रहे एक वाहन ने टक्कर मार दी थी। अन्य मृतकों में भाजपा के दो कार्यकर्ता और उनका चालक शामिल है।
लखीमपुर खीरी में मामले में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा उठाए गए कदमों से असंतुष्ट उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को सवाल किया था कि जिन आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है, उन्हें गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया है। इसके साथ ही न्यायालय ने निर्देश दिया था कि मामले में साक्ष्य और संबद्ध सामग्री नष्ट नहीं हों।
प्रधान न्यायाधीश एन वी रमण की अध्यक्षता वाली पीठ ने स्पष्ट रूप से कहा था, "कानून को सभी आरोपियों के खिलाफ अपना काम करना चाहिए" तथा आठ लोगों की निर्मम हत्या की जांच के संबंध में सरकार को सभी उपचारात्मक कदम उठाने होंगे ताकि विश्वास कायम हो सके।"
कांग्रेस की पंजाब इकाई के वरिष्ठ नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने मंत्री के बेटे के पूछताछ के लिए पेश होने के बाद अपना ‘‘मौन धरना’’ शनिवार को समाप्त कर दिया।
इस मामले में सिद्धू ने निघासन तहसील में स्थानीय पत्रकार राम कश्यप के घर के बाहर शुक्रवार शाम छह बजकर 15 मिनट से अपना ‘‘मौन धरना’’ शुरू किया था। कश्यप की तीन अक्टूबर की घटना में मौत हो गई थी।
सिद्धू ने बाद में पत्रकारों से कहा, ‘‘यह सत्य की जीत है। कोई व्यक्ति राजा हो सकता है, लेकिन न्याय से बड़ा कोई नहीं है। न्याय है तो शासन है, और यदि न्याय नहीं है, कुशासन है। यह किसानों के परिवारों, लवप्रीत सिंह के परिवार और रमन कश्यप के परिवार की जीत है।’’
मारे गए चार किसानों में लखीमपुर के पलिया गांव के लवप्रीत सिंह भी शामिल है।
वहीं, केंद्रीय मंत्रिपरिषद से अजय मिश्रा को बर्खास्त करने और मंत्री और उनके बेटे की गिरफ्तारी की मांग को लेकर विपक्ष और किसान नेताओं ने सत्तारूढ़ भाजपा पर दबाव बनाना जारी रखा है।
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