देश की खबरें | सिसोदिया ने लिखा एलजी को पत्र, एमसीडी में टोल टैक्स ‘घोटाले’ की सीबीआई जांच की मांग की

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बुधवार को उपराज्याल वी. के. सक्सेना को पत्र लिखकर दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) में 6,000 करोड़ रुपये के कथित टोल टैक्स घोटाले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग की।

नयी दिल्ली, 10 अगस्त दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बुधवार को उपराज्याल वी. के. सक्सेना को पत्र लिखकर दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) में 6,000 करोड़ रुपये के कथित टोल टैक्स घोटाले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग की।

आम आदमी पार्टी (आप) ने मंगलवार को एमसीडी पर आरोप लगाया था कि उसने दो टोल टैक्स कंपनियों के साथ मिलीभगत करके सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचाया। इसके एक दिन बाद उपमुख्यमंत्री ने उपराज्यपाल को पत्र लिखा है।

सिसोदिया ने ट्वीट करके कहा, ''दिल्ली नगर निगम में 6,000 करोड़ रुपये के टोल टैक्स घोटाले की जांच सीबीआई से कराए जाने के लिए एलजी साहब को पत्र लिखा है। रोजाना दिल्ली में आने वाले करीब 10 लाख व्यावसायिक वाहनों से लिया गया पैसा मिलीभगत से खा लिया गया।''

आप के एमसीडी मामलों के प्रभारी और विधायक दुर्गेश पाठक ने मंगलवार को आरोप लगाया था कि टोल टैक्स संग्रह में बड़े पैमाने पर घोटाला हुआ है। उन्होंने इसके लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेताओं को जिम्मेदार ठहराया था।

उन्होंने कहा था कि हर दिन 10 लाख वाणिज्यिक वाहन दिल्ली आते हैं और उन वाहनों से कर वसूला जाता है लेकिन यह कथित तौर पर एमसीडी तक नहीं पहुंचा।

एमसीडी ने आरोपों को "निराधार" और "तथ्यहीन" करार दिया था।

सिसोदिया के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए, दिल्ली भाजपा के प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने बुधवार को कहा कि एमसीडी में ऐसा कोई घोटाला नहीं हुआ है। उन्होंने एक बयान में कहा, "टोल टैक्स संग्रह को लेकर एमसीडी में कोई घोटाला नहीं हुआ है। सिसोदिया का उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना को एमसीडी में टोल टैक्स संग्रह घोटाले के आरोप वाला पत्र आबकारी विभाग और स्कूल क्लास रूम निर्माण में घोटालों की चल रही जांच पर उनकी निराशा को दर्शाता है।"

कपूर ने स्पष्ट किया कि 2018 में ईस्टर्न-वेस्टर्न कॉरिडोर के निर्माण के बाद, दूसरे राज्यों में जाने के लिए दिल्ली आने वाले वाणिज्यिक वाहनों का आना बंद हो गया है और इसके परिणामस्वरूप, दिल्ली के टोल टैक्स संग्रह में लगभग 70 प्रतिशत की गिरावट आई है।

उन्होंने कहा कि इससे तत्कालीन टोल टैक्स वसूली ठेकेदार को वसूली में भारी नुकसान हुआ, जबकि उसने यह ठेका सालाना 1,260 करोड़ रुपये में लिया था। उन्होंने कहा कि ठेकेदार ने आंशिक रूप से एमसीडी का भुगतान किया और उसके बाद काम छोड़ दिया।

कपूर ने कहा, "ठेकेदार के छोड़कर जाने के बाद एमसीडी ने उसकी सुरक्षा जमा राशि जब्त कर ली और कानूनी वसूली की कार्रवाई शुरू की। वर्तमान में, टोल टैक्स संग्रह अनुबंध शाहकर ग्लोबल नामक एक कंपनी के साथ है, जो पिछले दो वर्षों से नियमित रूप से उचित भुगतान कर रही है।"

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