देश की खबरें | सिसोदिया ने दिल्ली के सरकारी स्कूलों के बच्चों को ‘कोडिंग’ सिखाने का अभियान शुरू किया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने सरकारी स्कूलों के बच्चों को ‘कोडिंग’ सिखाने के लिये बृहस्पतिवार को ''कोड-ए-थॉन'' अभियान शुरू किया, जिसमें 12,000 से अधिक छात्र हिस्सा ले रहे हैं।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, आठ अक्टूबर दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने सरकारी स्कूलों के बच्चों को ‘कोडिंग’ सिखाने के लिये बृहस्पतिवार को ''कोड-ए-थॉन'' अभियान शुरू किया, जिसमें 12,000 से अधिक छात्र हिस्सा ले रहे हैं।

कालकाजी में वीर सावरकर सर्वोदय कन्या विद्यालय में यह अभियान शुरू करते हुए सिसोदिया ने कहा, ''हमने 'शी कोड्स' फाउंडेशन के साथ मिलकर इस साल जनवरी में कोडिंग परियोजना शुरू की थी, जिसके तहत अब तक 870 छात्राओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। कोविड-19 महामारी के प्रकोप के चलते हमने इसे ऑनलाइन करने का फैसला किया है। अब हमने इस कार्यक्रम को और विस्तार दिया है।''

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इस अवसर पर छह छात्रों ने ''अच्छा और बुरा स्पर्श'', ''पर्यावरण सुरक्षा'' और ''बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ'' और कोरोना वायरस को लेकर जन-जागरुकता जैसे विभिन्न विषयों पर स्मार्टफोन से बनाए गए अपने एनिमेडटिड वीडियो पेश किए।

सिसोदिया ने कहा, ''स्टीव जॉब्स ने एक बार कहा था कि कोडिंग नयी पीढ़ी की मुक्त कला है। यह प्रोग्रामिंग, डिजाइनिंग या कुछ वीडियो बनाने की तरह नहीं है। बल्कि यह कला का सृजन करने जैसा है। कोडिंग, सोचने में आपकी मदद करती है। यही वजह है कि इसे सीखना महत्वपूर्ण है। आज, मैं देख सकता हूं कि यह किस तरह हमारे स्कूली बच्चों को सोचने के लिये प्रेरित कर रही है। एक बच्ची थी जिसने बाल विवाह को लेकर वीडियो बनाया था, जिसमें उसने दिखाया था कि लड़की कितनी असहाय है। ''

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स्टीव जॉब्स, ‘एप्पल इंक’ के सह-संस्थापक थे।

अभियान के तहत छात्रों खुद ही ‘कोडिंग’ सीखने और इनका अभ्यास करने का मौका मिलेगा। वे इसके आधार पर विभिन्न प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेंगे और अगले चरण में पहुंचते जाएंगे। दिसंबर में ‘ग्रैंड फिनाले’ होगा, जिसमें उन्हें अपनी परियोजना दिखाने का मौका मिलेगा।

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