हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन-एजीथ्रोमाइसिन का साथ में सेवन घातक हो सकता है: अध्ययन
अमेरिका में वांडरबिल्ट यूनिवर्सिटी और स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी के अनुसंधानकर्ताओं ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) डेटाबेस का अवलोकन, पूर्वव्यापी आकलन किया जिसमें दवाओं के प्रतिकूल प्रभाव संबंधी 2.1 करोड़ केस रिपोर्ट थी।
नयी दिल्ली, 26 मई कोविड-19 मरीजों के इलाज के लिए प्रस्तावित हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन और एजीथ्रोमाइसिन का साथ में सेवन घातक हो सकता है और यह मिश्रण ह्रदय तंत्र पर गंभीर असर डाल सकता है। एक अध्ययन में यह जानकारी सामने आई है।
अमेरिका में वांडरबिल्ट यूनिवर्सिटी और स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी के अनुसंधानकर्ताओं ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) डेटाबेस का अवलोकन, पूर्वव्यापी आकलन किया जिसमें दवाओं के प्रतिकूल प्रभाव संबंधी 2.1 करोड़ केस रिपोर्ट थी।
इन रिपोर्टों में 14 नवंबर 1967 और एक मार्च 2020 के बीच 130 देशों की इलाज की रिपोर्टें शामिल थीं।
अध्ययन में जिन मरीजों ने हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन, एजीथ्रोमाइसिन ली या दोनों दवाओं का सेवन किया उनके दिल पर दवाओं के प्रतिकूल प्रभाव का अध्ययन किया।
अनुसंधानकर्ताओं ने कहा कि कोविड-19 मरीजों के इलाज के लिए हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन और एजीथ्रोमाइसिन अकेले या साथ में लेना प्रस्तावित किया गया है।
उन्होंने बताया कि मुख्यत: एजीथ्रोमाइसिन लेकिन हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन के सेवन से भी ह्रदय की गति में बदलाव जैसे घातक प्रभाव देखने को मिले।
वैज्ञानिकों ने बताया कि दोनों के साथ में सेवन से और भयंकर प्रभाव देखने को मिले।
अनुसंधानकर्ताओं के मुताबिक हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन का कई महीनों तक सेवन करने से जानलेवा दिल का दौरा पड़ने जैसा असर भी देखा गया।
यह अध्यय ‘सर्कुलेशन’ पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।
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