एजेंसी न्यूज

सिल्वर लेक फेसबुक की राह पर, जियो में निवेश किए 5,656 करोड़ रुपये

इससे पहले सोशल मीडिया कंपनी फेसबुक 5.7 अरब डॉलर (43,574 करोड़ रुपये) निवेश कर जियो प्लेटफॉर्म्स की 9.99 प्रतिशत हिस्सेदारी ले चुकी है।

सिल्वर लेक फेसबुक की राह पर, जियो में निवेश किए 5,656 करोड़ रुपये
जमात

नयी दिल्ली, चार मई फेसबुक के नक्शे कदम पर चलते हुए वैश्विक प्रौद्योगिकी निवेशक कंपनी सिल्वर लेकर ने रिलायंस के जियो प्लेटफॉर्म्स में 1.15 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदी है। कंपनी ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के डिजिटल कारोबार जियो प्लेटफॉर्म्स में 5,655.75 करोड़ रुपये का निवेश किया है।

इससे पहले सोशल मीडिया कंपनी फेसबुक 5.7 अरब डॉलर (43,574 करोड़ रुपये) निवेश कर जियो प्लेटफॉर्म्स की 9.99 प्रतिशत हिस्सेदारी ले चुकी है।

इस सौदे के लिए सिल्वर लेक फेसबुक के मुकाबले प्रति शेयर 12.5 प्रतिशत प्रीमियम देगी। कंपनी बाद में जियो में और भी रणनीतिक और वित्तीय निवेश कर सकती है।

इस रणनीतिक निवेश से रिलायंस इंडस्ट्रीज को अपने कर्ज का बोझ कम करने में मदद मिलेगी।

रिलायंस ने एक बयान में कहा, ‘‘सिल्वर लेक जियो प्लेटफॉर्म्स में 5,655.75 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इसके लिए जियो प्लेटफॉर्म्स का शेयर आधारित मूल्य (इक्विटी वैल्यू) 4.90 लाख करोड़ रुपये जबकि उद्यम मूल्य (एंटरप्राइज वैल्यू) 5.15 लाख करोड़ रुपये आंका गया है।’’

कंपनी ने कहा कि इस सौदे के लिए उसका शेयर मूल्यांकन फेसबुक के साथ 22 अप्रैल 2020 को हुए समझौते के मुकाबले 12.5 प्रतिशत प्रीमियम पर किया गया है।

फेसबुक ने जियो प्लेटफॉर्म्स में निवेश के लिए कंपनी की एंटरप्राइज वैल्यू 4.62 लाख करोड़ रुपये आंकी थी।

किसी कंपनी की इक्विटी वैल्यू उसकी मौजूदा और भविष्य की क्षमताओं को दिखाती है जबकि एंटरप्राइज वैल्यू कंपनी की वास्तविक बैलेंस शीट की तरह ही होती है।

रणनीतिक और वित्तीय निवेशक जियो प्लेटफॉर्म्स की 20 प्रतिशत हिस्सेदारी ले सकते हैं। इसमें करीब आधी हिस्सेदारी फेसबुक पहले ही ले चुकी है। सिल्वर लेक भी इसी तरह की एक निवेशक कंपनी है।

रिलायंस इंडस्ट्रीज के प्रमुख 63 वर्षीय मुकेश अंबानी ने पिछले साल अगस्त में समूह को मार्च 2021 तक कर्ज मुक्त बनाने का लक्ष्य पेश किया था। लेकिन फेसबुक और सिल्वर लेक के निवेश के साथ 53,125 करोड़ रुपये के राइट्स इश्यू जारी करने और सऊदी अरामको के साथ हए समझौते से इस लक्ष्य को दिसंबर तक ही पूरा करने की उम्मीद है।

मार्च के अंत तक रिलायंस इंडस्ट्रीज पर कुल 3,36,294 करोड़ रुपये का कर्ज बकाया था। जबकि कंपनी के पास 1,75,259 करोड़ रुपये की नकदी बची हुई थी। कर्ज और नकदी का समायोजन करने के बाद कंपनी पर शुद्ध बकाया ऋण 1,61,035 करोड़ रुपये रहा।

बयान के मुताबिक रिलायंस इंडस्ट्रीज के पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स एक अगली पीढ़ी की डिजिटल प्रौद्योगिकी कंपनी है। इसमें कंपनी की जियो एप, डिजिटल पारिस्थितिक और दूरसंचार एवं तेज गति की इंटरनेट सेवा शामिल है।

कंपनी की दूरसंचार सेवा के देशभर में करीब 38.8 करोड़ उपयोक्ता हैं।

सिल्वर लेक ने कई वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनियों जैसे कि एयरबीएनबी, अलीबाबा, आंट फाइनेंशियल, अल्फाबेट की वेरिली और वायमो, डेल टेक्नोलॉजीस, ट्विटर इत्यादि में भी निवेश किया है। कंपनी के प्रबंधन अधीन करीब 40 अरब डॉलर की परिसंपत्तियां हैं।

इस बारे में रिलायंस के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने कहा कि देश के डिजिटल स्वरूप को बदलने और उसकी वृद्धि में शामिल होने पर वह सिल्वर लेक का स्वागत करते हैं। यह सभी भारतीयों के लिए लाभकारी होगा।

वहीं सिल्वर लेक के सह-मुख्य कार्यकारी अधिकारी इगोन डरबन ने कहा कि जियो प्लेटफॉर्म्स दुनिया की सबसे प्रमुख कंपनियों में से एक है जिसका संचालन मजबूत और उद्यमी प्रबंधकीय टीम करती है।

इस सौदे के लिए नियामकीय मंजूरियां ली जानी बाकी हैं। मॉर्गन स्टैनली इस सौदे में वित्तीय परामर्शदाता और एजीबी एंड पार्टनर्स और डेविस पोक एंड वाडवैल विधिक सलाहकार की भूमिका में रहे।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, लेटेस्टली स्टाफ ने इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया है)

(The above story first appeared on LatestLY on May 04, 2020 04:05 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).