एजेंसी न्यूज

नांदेड़ मामले को लेकर सिखों की छवि खराब की जा रही है : अकाल तख्त प्रमुख

उल्लेखनीय है कि पंजाब सरकार के आंकड़ों के मुताबिक नांदेड़ स्थित हुजूर साहिब से लौटे करीब 3,500 श्रद्धालुओं में कम से कम 115 लोगों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है।

नांदेड़ मामले को लेकर सिखों की छवि खराब की जा रही है : अकाल तख्त प्रमुख
जमात

चंडीगढ़, एक मई महाराष्ट्र के नांदेड़ से लौटे श्रद्धालुओं के कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बीच अकाल तख्त के प्रमुख हरप्रीत सिंह ने शुक्रवार को दावा किया कि सिखों की छवि धूमिल करने की साजिश रची जा रही है जैसा कि तबलीगी जमात की घटना के बाद मुस्लिम समुदाय की छवि के साथ किया गया है।

उल्लेखनीय है कि पंजाब सरकार के आंकड़ों के मुताबिक नांदेड़ स्थित हुजूर साहिब से लौटे करीब 3,500 श्रद्धालुओं में कम से कम 115 लोगों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है।

सिख धर्म से जुड़े मामलों की सर्वोच्च संस्था के प्रमुख ने इस घटना की तुलना मुस्लिम समुदाय की छवि खराब करने से की है जो कथित रूप से दिल्ली के निजामुद्दीन में तबलीगी जमात के कार्यक्रम से लौटने वाले लोगों से कोरोना वायरस फैलने के बाद हुई थी।

उन्होंने दावा कि कि तबलीगी जमात की घटना के बाद पूरे मुस्लिम समुदाय को बदनाम करने की कोशिश की गई और उसी तरह का दुष्प्रचार अब किया जा रहा है।

सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा, ‘‘यह प्रचारित किया जा रहा है कि तख्त श्री हुजूर साहिब कोरोना वायरस का घर था और ये लोग (वहां से आए श्रद्धालु) अपने साथ इसे पंजाब लेकर आए हैं।’’

सिख धार्मिक नेता ने कहा, ‘‘ यह बहुत बड़ी साजिश है।’’

उन्होंने कहा कि श्रद्धालु लंगर सेवा के लिए स्वेच्छा से नांदेड़ गुरुद्वारा के सराय में करीब एक महीने से रुके थे।

सिंह ने कहा, ‘‘ उनके पंजाब पहुंचते ही कोरोना संक्रमण की पुष्टि कैसे हो गयी ? यह सवाल सभी के दिमाग में आ रहा है।

उल्लेखनीय है कि कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए लागू राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन की वजह से पंजाब के करीब चार हजार श्रद्धालु नांदेड़ साहिब गुरुद्वारे में फंस गए। इनमें से अधिकतर को गत कुछ दिनों में वापस पंजाब लाया गया है।

जत्थेदार ने श्रद्धालुओं के लौटने पर हुई जांच की विश्ववसनीयता पर सवाल उठाए और कहा कि सरकार को स्थति स्पष्ट करनी चाहिए।

सिंह ने दावा किया कि उन्हें बताया गया कि पूरे नांदेड़ शहर में कोरोना वायरस से संक्रमण के केवल दो मामले है। जत्थेदार ने कहा कि उन्हें बताया गया कि हुजूर साहिब गुरुद्वारे में श्रद्धालुओं की तीन बार जांच की गई और उनमें से किसी के भी कोरोना पॉजिटिव होने की पुष्टि नहीं हुई थी।

जत्थेदार ने कहा कि महिलाओं और बच्चों सहित श्रद्धालु 30 घंटे की थका देने वाली यात्रा के बाद लौटें। उन्होंने कहा कि पृथक-वास में व्यवस्था को लेकर शिकायत आ रही हैं। साथ ही मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह से इसे दुरूस्त करने को कहा है ।

सिंह ने कहा, ‘‘ अमृतसर का वीडियो सामने आया है जिसमें कुछ महिलाएं पीने का पानी नहीं मिलने की शिकायत कर रही हैं। कुछ को उनकी भावनाओं के विपरीत डेरा में रखा गया है। यह सरकार के गैरजिम्मेदाराना रुख को दिखाता है।’’

उन्होंने कहा कि सरकार को पृथकवास में रखे गए श्रद्धालुओं के खाने और रहने की व्यवस्था करने के लिए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (एसजीपीसी) से संपर्क करना चाहिए।

हालांकि, सिंह ने नांदेड़ में फंसे श्रद्धालुओं की वापसी सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह को धन्यवाद किया।

उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार बाहर से आने लोगों को पहले ही 21 दिनों के पृथक-वास में रखने का आदेश जारी कर चुकी है। अबतक नांदेड़ से 3,525 श्रद्धालु और कोटा से 153 छात्र पंजाब लौटे हैं।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, लेटेस्टली स्टाफ ने इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया है)

(The above story first appeared on LatestLY on May 01, 2020 06:01 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).