बेंगलुरु, 15 अगस्त कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने गारंटी योजनाओं पर “पुनर्विचार” के लिए अपनी ही पार्टी कांग्रेस की ओर से बढ़ते दबाव के बीच बृहस्पतिवार को कहा कि योजनाएं जारी रहेंगी।
उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय और आर्थिक समानता पर केन्द्रित विकास के "कर्नाटक मॉडल" से राष्ट्र निर्माण में योगदान हुआ है।
सिद्धरमैया ने केंद्र पर हाल के वर्षों में संघीय प्रणाली के सिद्धांत से 'हटने' और राज्यों को धन के आवंटन में भेदभाव करने का आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र को इस तथ्य को समझना चाहिए कि राष्ट्र तभी विकसित हो सकता है जब राज्यों का विकास हो, लिहाजा उनके विकास के लिए उचित मात्रा में अनुदान जारी किया जाए।
उन्होंने कहा कि सरकार की पांच गारंटी योजनाएं बढ़ती वित्तीय असमानता के कारण परेशान लोगों के जीवन में राहत लेकर आई हैं।
सिद्धरमैया ने कहा, "एक तरफ हमारी सरकार इन योजनाओं के माध्यम से धन के पुनर्वितरण को प्रोत्साहन दे रही है, वहीं दूसरी तरफ हमने समान प्रतिबद्धता के साथ राज्य के सतत आर्थिक विकास के लिए कार्यक्रम शुरू किए हैं।"
उन्होंने कहा, "ये कार्यक्रम जारी रहेंगे और हम राज्य के आर्थिक विकास के माध्यम से उन लोगों को करारा जवाब देंगे, जिन्होंने यह भविष्यवाणी की थी कि इन योजनाओं से राज्य दिवालिया हो जाएगा।"
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