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जरुरी जानकारी | श्रीपद येसो नाइक ने उद्योग व वैश्विक कंपनियों से हरित हाइड्रोजन क्षेत्र में निवेश का किया आग्रह

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जरुरी जानकारी | श्रीपद येसो नाइक ने उद्योग व वैश्विक कंपनियों से हरित हाइड्रोजन क्षेत्र में निवेश का किया आग्रह

नयी दिल्ली, 19 जून नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्रीपद येसो नाइक ने बृहस्पतिवार को कहा कि हरित हाइड्रोजन में ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने की क्षमता है।

उन्होंने उद्योग जगत के लोगों से इस क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास तथा बुनियादी ढांचे के निर्माण में निवेश करने का आह्वान किया।

हरित हाइड्रोजन पर ‘सीआईआई अंतरराष्ट्रीय व्यापार सम्मेलन’ के उद्घाटन कार्यक्रम में मंत्री ने हरित हाइड्रोजन में जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करने और विभिन्न क्षेत्रों में औद्योगिक प्रतिस्पर्धा को बढ़ाने की क्षमता होने का उल्लेख किया।

मंत्री ने कहा, ‘‘ मैं वैश्विक कंपनियों, सरकारों और वित्तीय संस्थानों को हरित हाइड्रोजन अनुसंधान, नवाचार एवं व्यापार में हमारे साथ साझेदारी करने के लिए आमंत्रित करता हूं।’’

उन्होंने भारत के उद्योग जगत से अनुसंधान एवं विकास में निवेश करने, विनिर्माण के पैमाने को बढ़ाने, बुनियादी ढांचे का निर्माण करने और मानव पूंजी विकसित करने का आह्वान किया।

मंत्री ने कहा कि हरित हाइड्रोजन सिर्फ एक ईंधन नहीं है...यह ग्रह, भावी पीढ़ियों और सतत समृद्धि के प्रति प्रतिबद्धता है।

उन्होंने कहा कि भारत में इसके मजबूत सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम (एमएसएमई) आधार और विविध औद्योगिक समूहों के साथ, वितरित मॉडल स्थानीय मांग को खोल सकते हैं और नीचे से ऊपर की ओर वृद्धि को बढ़ावा दे सकते हैं।

नाइक ने कहा कि ये मॉडल न केवल घरेलू हाइड्रोजन खपत को मजबूत करेंगे बल्कि हरित ईंधन को अधिक सुलभ एवं क्षेत्रीय रूप से संतुलित भी बनाएंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘ इसके साथ ही, हम पूरे देश में हरित हाइड्रोजन गलियारे के विकास को प्रोत्साहित कर रहे हैं।’’

उन्होंने बताया कि हरित हाइड्रोजन में बदलाव के लिए रणनीतिक हस्तक्षेप (एसआईजीएचटी) कार्यक्रम के तहत रिफाइनरियों के लिए प्रति वर्ष 42,000 मीट्रिक टन हरित हाइड्रोजन और उर्वरकों के लिए 7.2 लाख मीट्रिक टन से अधिक हरित अमोनिया के लिए निविदाएं पहले ही जारी की जा चुकी हैं।

मंत्री ने कहा कि भारत को हरित हाइड्रोजन के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने की हमारी रणनीति भी मजबूत अंतरराष्ट्रीय साझेदारी पर निर्भर करती है।

उन्होंने कहा कि भारत..यूरोपीय संघ, जापान, सिंगापुर, जर्मनी और नीदरलैंड सहित प्रमुख साझेदारों के साथ मिलकर भंडारण, परिवहन एवं व्यापार के लिए समझौते, प्रमाणन ढांचे तथा साझा बुनियादी ढांचे की स्थापना के लिए काम कर रहा है।

नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा सचिव संतोष कुमार सारंगी ने कहा कि हरित हाइड्रोजन का भविष्य उज्ज्वल है। सरकार पहले से ही ईंधन से संबंधित चार कारक विनियमन, प्रोत्साहन, मानक और हितधारकों के साथ सहयोग पर काम कर रही है।

भारतीय नवीकरणीय ऊर्जा कंपनी रिन्यू के चेयरमैन सुमंत सिन्हा ने कहा कि ऊर्जा बदलाव के लिए हरित हाइड्रोजन बेहद जरूरी है। भारत को 2070 तक शुद्ध शून्य का लक्ष्य हासिल करने के लिए चार करोड़ टन हरित हाइड्रोजन (सालाना) की जरूरत है।

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(The above story first appeared on LatestLY on Jun 19, 2025 01:12 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).