देश की खबरें | सुदर्शन टीवी को कारण बताओ नोटिस जारी : केंद्र ने न्यायालय को बताया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केंद्र सरकार ने सोमवार को उच्चतम न्यायालय से कहा कि अंतर मंत्रालयी समूह की अनुशंसा पर सुदर्शन टीवी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, जिसने चैनल के कार्यक्रम ‘बिंदास बोल’ के सभी एपिसोड देखे हैं।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, पांच अक्टूबर केंद्र सरकार ने सोमवार को उच्चतम न्यायालय से कहा कि अंतर मंत्रालयी समूह की अनुशंसा पर सुदर्शन टीवी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, जिसने चैनल के कार्यक्रम ‘बिंदास बोल’ के सभी एपिसोड देखे हैं।

उच्चतम न्यायालय एक याचिका पर सुनवाई कर रहा था जिसमें ‘बिंदास बोल’ कार्यक्रम को लेकर आपत्ति जताई गई है। इसके प्रोमो में दिखाया गया था कि चैनल ‘सरकारी सेवाओं में मुस्लिमों की घुसपैठ पर बड़े षड्यंत्र का भंडाफोड़’ करेगा।

यह भी पढ़े | Hathras Gangrape: गैंगरेप केस में यूपी पुलिस सख्त, मामले को लेकर दर्ज की 19 FIR.

न्यायमूर्ति डी. वाई. चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ को सोलीसीटर जनरल तुषार मेहता ने सूचित किया कि अंतर मंत्रालयी समूह ने चैनल के प्रतिनिधियों की भी सुनवाई की है।

मेहता के हलफनामे का संज्ञान लेते हुए पीठ ने मामले की अगली सुनवाई की तारीख 26 अक्टूबर तय की ताकि चैनल कारण बताओ नोटिस का जवाब दायर कर सके। पीठ में न्यायमूर्ति इंदु मल्होत्रा और न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी भी शामिल हैं।

यह भी पढ़े | तेलंगाना: रंगा रेड्डी जिले में एक लॉरी से 1.3 करोड़ रुपये के गांजे के साथ दो गिरफ्तार: 5 अक्टूबर 2020 की बड़ी खबरें और मुख्य समाचार LIVE.

केंद्र सरकार ने 23 सितम्बर को उच्चतम न्यायालय को सूचित किया था कि प्रथमदृष्ट्या इसने पाया कि सुदर्शन टीवी ने ‘बिंदास बोल’शो में कार्यक्रम कोड का उल्लंघन किया है और चैलन को नोटिस जारी किया गया है।

उच्चतम न्यायालय ने कहा था कि चैनल के खिलाफ जारी कारण बताओ नोटिस के संदर्भ में सरकार को अदालत के आदेश पर कदम उठाने होंगे।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\